-21 मई से शुरू होकर 6 जून तक चलेगी गिरदावरी
-15 जून तक होंगे मूंग विक्रय के लिए पंजीयन
अनोखा तीर, मसनगांव। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन गिरदावरी पोर्टल पर जानकारी अपडेट होने में देरी के कारण किसानों के पंजीयन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मूंग फसल बेचने के लिए किसानों का पंजीयन 15 जून तक किया जाना है, जबकि गिरदावरी का कार्य 21 मई से शुरू होकर 6 जून तक चलेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार राज्य शासन द्वारा इस वर्ष गिरदावरी करने वाले सर्वेयरों की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, जिसके बाद यह जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपी गई है। हालांकि अधिकांश पटवारियों के पास एक से अधिक हल्कों का प्रभार होने से कार्य की गति प्रभावित हो रही है। मसनगांव क्षेत्र में भी एक पटवारी के पास लगभग चार हल्कों का प्रभार है, जिसके कारण सीमित समय में सभी गांवों की गिरदावरी करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ग्राम पटवारी दीपक भिलाला ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 21 मई से गिरदावरी का कार्य प्रारंभ हो चुका है और यह 6 जून तक जारी रहेगा। निर्धारित समय सीमा में सभी खेतों की गिरदावरी कर पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं समिति कर्मचारी जगदीश बास्या ने बताया कि गिरदावरी पोर्टल पर फसल का विवरण प्रदर्शित नहीं होने के कारण किसानों के पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान समिति पहुंच रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि शासन द्वारा सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से भी गिरदावरी कराई गई है, लेकिन तकनीकी कारणों से कई किसानों की फसल संबंधी जानकारी पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रही है। इसके चलते मूंग उपार्जन के लिए आवश्यक पंजीयन प्रक्रिया बाधित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो निर्धारित समय सीमा में पंजीयन पूरा कर पाना मुश्किल हो जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने शासन और प्रशासन से गिरदावरी एवं पंजीयन प्रक्रिया को शीघ्र सुचारू करने की मांग की है, ताकि मूंग खरीदी से कोई भी पात्र किसान वंचित न रहे।
———————-

