अनोखा तीर, हरदा। हरदा में गेहूं खरीदी में देरी के विरोध में धरना देने वाले 10 किसानों को बड़ी राहत मिली है। तहसीलदार कोर्ट ने किसानों के खिलाफ जारी समन को समाप्त कर दिया। प्रशासन द्वारा मामला वापस लेने के बाद किसानों को गिरफ्तारी वारंट की आशंका से राहत मिली। जानकारी के अनुसार किसानों ने गेहूं की तुलाई नहीं होने के विरोध में जिला पंचायत परिसर में करीब 36 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट की ओर से 10 किसानों को समन जारी कर शुक्रवार सुबह 10 बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। समन में तय समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की बात भी कही गई थी। प्रशासन ने प्रदर्शन को लोक व्यवस्था भंग करने एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने से जुड़ा मामला माना था। शुक्रवार सुबह सभी किसान अपने साथियों के साथ तहसीलदार कोर्ट पहुंचे और पेश हुए। मामले की चर्चा मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने अपना रुख बदला। तहसीलदार कोर्ट ने किसानों को समझाइश देते हुए मामला समाप्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसान आगे से इस प्रकार की स्थिति का ध्यान रखेंगे। किसानों ने इसे अपनी जीत बताते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार की दमनकारी नीति का हिस्सा था और उनके संगठन तथा किसानों को दबाने का प्रयास किया जा रहा था। किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार की है।
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