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Thursday, 22 October 2026
हरदा

बाल विवाह रोकथाम को लेकर मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

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-ग्राम स्तर तक नियुक्त होंगे बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी
अनोखा तीर, हरदा। बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित अभियानों को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने पूर्व में जारी अधिसूचना को निरस्त करते हुए अब जिला से लेकर ग्राम स्तर तक विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में अधिसूचित किया है। यह निर्णय बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की धारा 16 के अंतर्गत लिया गया है।
जिला कलेक्टर से पटवारी तक की जवाबदेही तय
नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर जिला कलेक्टर, अपर कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे। अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्लॉक स्तर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी कार्य करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी तथा शहरी क्षेत्रों में नगर पालिक निगमों के जोनल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी इस कानून के क्रियान्वयन का दायित्व दिया गया है। नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषदों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, उप राजस्व निरीक्षक एवं मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
तुरंत एफआईआर और कार्रवाई
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित पटवारी या सेक्टर पर्यवेक्षक तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर सकेगा। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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