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Thursday, 22 October 2026
हरदा

श्रम प्रहरीÓ बन अपंजीकृत संस्थानों की जानकारी देकर श्रमिक कल्याण में करें योगदान

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अनोखा तीर, हरदा। श्रमिकों को सुरक्षित कार्यदशाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। आम नागरिक ‘श्रम प्रहरीÓ के रूप में आगे आकर अपंजीकृत संस्थानों और निर्माण स्थलों की गोपनीय सूचना दे सकते हैं, जिससे श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र वर्ग तक सुचारू रूप से पहुंचाया जा सके। श्रम विभाग के अनुसार सभी संस्थानों एवं निर्माण स्थलों का विभाग में पंजीयन अनिवार्य है। पंजीकरण नहीं होने की स्थिति में श्रमिक शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। विभाग द्वारा पारदर्शिता के लिए वर्तमान में संचालित एवं पंजीकृत निर्माण कार्यों, अति-खतरनाक और अन्य कारखानों की ऑनलाइन सूची विभाग के पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई है। यदि कोई संस्थान या निर्माण स्थल अपंजीकृत पाया जाता है, तो उसकी सूचना टोल-फ्री श्रमिक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-8888 पर दी जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर श्रम विभाग द्वारा संबंधित स्थलों का परीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकरण नहीं कराने पर सख्त कार्रवाई
कारखाना अधिनियम-1948 के अनुसार ऐसे सभी परिसरों को, जहां 20 या अधिक श्रमिक विनिर्माण कार्य में नियोजित हैं, मुख्य कारखाना निरीक्षक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-1996 के तहत निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व श्रम विभाग को सूचना देना आवश्यक है। पंजीकरण नहीं कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध अधिकतम 1 लाख रुपए जुर्माना अथवा 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। निर्माण स्थलों का पंजीकरण नहीं कराने पर 2 हजार रुपए जुर्माना अथवा 3 माह तक का कारावास हो सकता है। विभाग ने सभी नियोजकों से तत्काल पंजीकरण सुनिश्चित करने की अपील की है।
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