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Thursday, 22 October 2026
हरदा

फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित करने निकली हरदा की ज्योति रात्रे

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-उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पिको-डी ओरिजाबा की चढ़ाई करेंगी

अनोखा तीर, हरदा। भारत की प्रसिद्ध पर्वतारोही  ज्योति रात्रे अब अपने अगले अंतरराष्ट्रीय और अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए तैयार हैं। इस बार उनका लक्ष्य है मैक्सिको का पिको डी ओरिजाबा। यह उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी है, जिसकी ऊंचाई 5,636 मीटर (18. 491 फीट) है। बर्फ से ढका यह विशाल और खतरनाक स्ट्रेटोवोल्केनो दुनिया के कठिन पर्वत अभियानों में गिना जाता है। जहां तेज़ बर्फीली हवाएं, ग्लेशियर, ऑक्सीजन की कमी और खड़ी बर्फीली ढलानें पर्वतारोहियों की हर क्षण परीक्षा लेती हैं। उल्लेखनीय है कि ज्योति रात्रे मूल रूप से मध्यप्रदेश के हरदा जिले की रहने वाली है। जिन्होंने पहले भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यह अभियान ज्योति रात्रे  के 7 महाद्वीपों के सबसे ऊँचे ज्वालामुखियों के ऐतिहासिक मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सबसे खास बात यह है कि अब तक मध्यप्रदेश से कोई भी महिला पर्वतारोही इस शिखर तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में यह अभियान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण बन सकता है। उल्लेखनीय है कि 55 वर्षीय ज्योति रात्रे इससे पहले विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट सहित पांच महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। उन्होंने अपने साहस, धैर्य और मानवता से अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2023 में एवरेस्ट अभियान के दौरान उन्होंने अपने लक्ष्य से अधिक महत्व एक साथी पर्वतारोही की जान बचाने को दिया था। जिसने उन्हें केवल एक पर्वतारोही नहीं, बल्कि संवेदनशील योद्धा के रूप में स्थापित किया। वहीं इस बार उनका अभियान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है। यह अभियान एक सामाजिक संदेश और महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज़ बनकर सामने आ रहा है। ज्योति रात्रे ने कहा इस बार मेरा अगला अभियान क्कद्बष्श स्रद्ग ह्रह्म्द्ब5ड्डड्ढड्ड केवल एक श्व3श्चद्गस्रद्बह्लद्बशठ्ठ  नहीं है। यह उन ग्रामीण महिलाओं को समर्पित है जो हर दिन संघर्ष करती हैं, लेकिन फिर भी मुस्कुराकर अपने परिवार और सपनों को संभालती हैं। ‘शिखर से शक्ति तकÓ यह एक ऐसा अभियान है जहां हर कदम महिलाओं के साहस को सलाम करेगा। उन्होंने  कहा कि भारत की ग्रामीण महिलाएं असली योद्धा हैं, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी परिवार, समाज और अपने सपनों को संभाले रखती हैं। उनका यह अभियान उन्हीं महिलाओं की शक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को दुनिया के सामने लाने का प्रयास है। पिको डी ओरिजाबा अभियान के दौरान ज्योति रात्रे अत्यधिक ठंड, ज्वालामुखीय चट्टानों, ग्लेशियर क्रेवास और तेज़ हवाओं जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करेंगी। पर्वतारोहण विशेषज्ञों के अनुसार यह अभियान तकनीकी रूप से बेहद कठिन माना जाता है और यहां मौसम कुछ ही मिनटों में जानलेवा रूप ले सकता है। अब पूरे देश की निगाहें इस साहसिक अभियान पर टिकी हैं। जैसे ही ज्योति रात्रे इस शिखर पर तिरंगा फहराने में सफल होती हैं, तो यह केवल एक ह्यह्वद्वद्वद्बह्ल नहीं होगा, बल्कि भारत की महिलाओं के आत्मविश्वास, साहस और अटूट इच्छाशक्ति की वैश्विक पहचान बन जाएगा।
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