-हवन यज्ञ, योग और अनुशासन पर दिया गया विशेष जोर
अनोखा तीर, हरदा। सिद्धक्षेत्र नेमावर स्थित श्री विश्नोई संत आश्रम नेमावर में विश्नोई समाज का प्रदेश स्तरीय पांच दिवसीय आवासीय जाम्भाणी संस्कार शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत भगवान श्रीगुरु जम्भेश्वर द्वारा प्रदत्त 120 शब्दों के उच्चारण एवं हवन यज्ञ के साथ हुई। शिविर के दौरान विश्नोई संत आश्रम नेमावर के स्वामी आत्मानंद महाराज ने हवन यज्ञ की प्रक्रिया पूर्ण कराई। बच्चों ने भी श्रद्धापूर्वक शबदवाणी का उच्चारण करते हुए हवन यज्ञ में आहुतियां दीं। इस अवसर पर आत्मानंद महाराज ने बच्चों को वर्तमान समय में हवन यज्ञ की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बिगड़ते पर्यावरण संतुलन में हवन यज्ञ संजीवनी का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीगुरु जम्भेश्वर ने केवल विश्नोई समाज ही नहीं, बल्कि समस्त मानव कल्याण के लिए नियमित हवन यज्ञ को आवश्यक बताया था। हवन यज्ञ के समापन पर भगवान श्रीगुरु जम्भेश्वर की आरती की गई। शिविर में बच्चों को योग से भी जोड़ा गया। शिक्षक मनमोहन पंवार ने बच्चों को योगाभ्यास कराया। वहीं राजस्थान से आए हरिराम खीचड़ ने बच्चों को जीवन में अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि अनुशासन के बिना जीवन गलत दिशा में जा सकता है। शिविर प्रभारी कैलाश गोदारा एवं सह प्रभारी उमेश बेनीवाल ने बताया कि शिविर में शामिल समाज के 90 बच्चे सुबह जल्दी उठने, स्नान, हवन यज्ञ सहित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं। इस दौरान कैलाश आंजना, राजेंद्र भादू सहित समाज के कई लोग उपस्थित रहे। शिविर के प्रमुख पूनमचंद पंवार ने बताया कि पांच दिवसीय शिविर की सभी गतिविधियां समय सारणी के अनुसार आयोजित की जा रही हैं। मंगलवार को शिविर के दूसरे दिन यज्ञ प्रार्थना, धर्म नियम एवं उनका महत्व, पर्यावरण संरक्षण, प्रमुख धाम, वैकुंठ वास एवं महंतों की नियुक्ति, तनाव प्रबंधन तथा भाषण प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।
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