-दिन में झुलसाने वाली गर्मी, रात में भी नहीं मिल रही राहत
अनोखा तीर, मसनगांव। नौतपा की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। पहले ही दिन तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर रहे। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया। भीषण गर्मी के चलते दिन का चैन पूरी तरह गायब हो गया है, वहीं रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। देर रात तक गर्म हवाएं चलने और उमस बने रहने से लोग परेशान रहे। घरों में कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंकते नजर आए। लगातार बढ़ते तापमान के कारण पानी की टंकियों में रखा पानी भी गर्म हो गया है। स्थिति यह है कि चौबीसों घंटे नलों से गर्म पानी निकल रहा है। लू के थपेड़ों और तपिश भरी हवाओं ने लोगों को हलकान कर दिया है। दोपहर में बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़ों से ढंककर निकल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और मजदूरी कार्यों पर भी असर देखने को मिल रहा है। गर्मी के कारण लोग पेड़ों की छांव और ठंडे स्थानों का सहारा लेते नजर आए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. अखिल विश्नोई एवं डॉ. मनीष गौर ने ग्रामीणों को दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, अधिक पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और तेज हो सकता है।
दोपहर में छाए बादलों ने बढ़ाई उमस
सोमवार शाम करीब 4 बजे आसमान पर बादल छाने से धूप से कुछ राहत मिली, लेकिन उमस और गर्मी बरकरार रही। मौसम का मिजाज बदलने से बारिश की संभावना भी बनी रही। वहीं जिन खेतों में मूंग की फसल की कटाई चल रही है, वहां किसान तेजी से कटी हुई फसल की गहाई कराने में जुटे रहे।
नौतपा में बारिश से गड़बड़ा सकता है मानसून का सिस्टम
ग्रामीणों का मानना है कि यदि रोहिणी नक्षत्र में बारिश होती है तो आने वाले समय में मानसून की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा भी इस वर्ष अल नीनो के असर से कम बारिश की संभावना जताई जा रही है। नौतपा के पहले ही दिन बादल छाने से लोगों के बीच मानसून को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
———————–

