अनोखा तीर, टिमरनी। टिमरनी नगर के लिए नर्मदा नदी से पानी लाने हेतु प्रस्तावित लगभग 30 करोड़ रुपए की अमृत-2 पेयजल योजना को लेकर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है तथा नागरिकों के साथ छलावा साबित हो रही है। सुभाष जायसवाल ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के साथ मिलकर ठेकेदार रात के अंधेरे में बिना किसी तकनीकी अधिकारी की निगरानी के मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल पाइपलाइन डालकर करोड़ों रुपये का भुगतान निकालने की तैयारी की जा रही है और इसमें भारी कमीशनखोरी होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत पहले शहर के अंदर वर्षों पुरानी पाइपलाइन बदली जाना थी, लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष ऐसा न करते हुए नगर परिषद की राशि से सड़कों के ऊपर नई सड़कें बनवा रहे हैं तथा अपने पसंदीदा ठेकेदारों को लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब योजना के अंतर्गत शहर में लगभग 50 किलोमीटर पाइपलाइन डाली जाना है, तो पहले पाइपलाइन कार्य होना चाहिए, ताकि बाद में सड़क खोदने की आवश्यकता न पड़े। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि योजना के तहत पेयजल टंकी एवं ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पहली प्राथमिकता होना चाहिए था, लेकिन इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। इसके विपरीत छीपानेर से पोखरनी तक पाइपलाइन डालकर करोड़ों रुपये के भुगतान की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में निर्माणाधीन पुल के दोनों ओर सर्विस रोड बनाए जाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए ब्रिज कॉरपोरेशन द्वारा पाइपलाइन बदलने हेतु नगर परिषद को 42 लाख रुपये की राशि एक वर्ष पूर्व दी जा चुकी है, लेकिन अब तक पाइपलाइन नहीं बदली गई। जबकि ब्रिज ठेकेदार द्वारा सर्विस रोड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पाइपलाइन का कार्य केवल कागजों तक सीमित रहेगा या बाद में सड़क खोदकर दोबारा कार्य किया जाएगा। सुभाष जायसवाल ने नगर परिषद टिमरनी पर विकास कार्यों के नाम पर गंभीर आर्थिक भ्रष्टाचार, जनता के साथ विश्वासघात एवं जनता के टैक्स की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने अमृत-2 योजना के अंतर्गत हो रहे कार्यों में प्राथमिकताएं तय करने के लिए जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही नगरीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत भेजी गई है।
————

