-बच्चों ने आत्मरक्षा से लेकर कला और ज्ञान तक दिखाई प्रतिभा
अनोखा तीर, हरदा। हैप्पी हरदा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक एवं सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से संचालित बच्चों के व्यक्तित्व विकास शिविर रमन रोमांच का छठवां दिवस उत्साह, रचनात्मकता, सीख और प्रेरणा से भरपूर वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर का आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि, रचनात्मक क्षमता के विस्तार तथा सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं वंदना के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण में आरंभ हुए इस आयोजन ने बच्चों के भीतर अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इसके बाद बच्चों ने पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता करते हुए नई-नई विधाओं को सीखने की ललक दिखाई। शिविर का प्रमुख आकर्षण आत्मरक्षा प्रशिक्षण रहा। कराटे प्रशिक्षक राजेश बिलिया द्वारा बच्चों को आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं तथा कराटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता विकसित करने का सशक्त साधन भी है। बच्चों ने कराटे की विभिन्न तकनीकों, बचाव के उपायों और शारीरिक संतुलन से जुड़ी गतिविधियों को उत्साहपूर्वक सीखा। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों में अनुशासन और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलाग्रह की संयोजक सुलेखा टाले एवं उनकी टीम द्वारा चित्रकला, आर्ट एवं क्राफ्ट गतिविधियों का आयोजन किया गया। रंगों, आकृतियों और सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशक्ति और कलात्मक प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया गया। बच्चों ने रंग-बिरंगे चित्र, हस्तशिल्प एवं रचनात्मक कलाकृतियां बनाकर अपनी प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने बच्चों में सौंदर्यबोध, धैर्य और सृजनशीलता का विकास किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र उपाध्याय ने बच्चों को लेखन, पठन-पाठन एवं भाषा अभिव्यक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने अच्छी पुस्तकों के अध्ययन का महत्व बताते हुए नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सुंदर लेखन शैली, स्पष्ट अभिव्यक्ति और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कला पर भी मार्गदर्शन दिया। बच्चों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उत्साहपूर्वक सीखने की जिज्ञासा दिखाई। शिविर प्रभारी मीरा शर्मा द्वारा बच्चों को प्रेरणादायक कहानियां सुनाई गईं, रोचक खेल कराए गए तथा दैनिक जीवन में उपयोगी व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया गया। खेल-खेल में बच्चों ने टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास जैसे गुणों को समझा। इन गतिविधियों ने बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर साहित्यकार ज्ञानेश चौबे एवं समाजसेवी राजीव बाहेती ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे शिविरों की उपयोगिता और समाज में उनके महत्व पर विचार साझा किए तथा आयोजन की सराहना की। रमन रोमांच शिविर लगातार बच्चों के लिए सीख, संस्कार, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और मनोरंजन का सुंदर संगम बनता जा रहा है। यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें बेहतर, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास सिद्ध हो रहा है। क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन समारोह रविवार, 24 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर शिविर में सहभागिता करने वाले बच्चों के अभिभावकों, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। समापन समारोह में बच्चे विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां देंगे, जो शिविर के दौरान सीखे गए कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन होंगी।
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