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Friday, 16 October 2026
हरदा

मगरधा में कब मिलेगी कॉलेज की सौगात

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-आदिवासी युवाओं के हक-हित को अनसुना कर रही सरकार

अनोखा तीर, हरदा। हरदा जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मगरधा को महाविद्यालय की सौगात कब मिलेगी, यह अब बड़ा प्रश्न बन गया है। पिछले एक दशक से लगातार कॉलेज खोलने की मांग उठ रही है। विधायक डॉ. आर.के. दोगने द्वारा विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया, इसके बावजूद मगरधा में कॉलेज नहीं खुल पाया है। डॉ. दोगने ने हंडिया, मगरधा और मोरगढ़ी में कॉलेज खोलने की मांग की थी, जिसमें से केवल हंडिया में कॉलेज खोलने की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल पाई है, जबकि मगरधा और मोरगढ़ी की मांग अब भी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले युवक-युवतियां साधन, सुविधा और दूरी के अभाव में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में हर वर्ष 12वीं के बाद कितने छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित हो रहे हैं, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र पारे ने शिक्षा से वंचित हो रहे युवक-युवतियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कॉलेज खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई। इस मांग को विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने आगे बढ़ाते हुए जिला कलेक्टर, उच्च शिक्षा मंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखे और विधानसभा में भी मामला उठाया। इसके बावजूद वर्षों से उठ रही मांग की लगातार अनदेखी की जा रही है। क्षेत्र के आदिवासी युवक-युवतियों में प्रतिभा होने के बावजूद संसाधनों के अभाव में उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। उच्च शिक्षा के सपने देखने वाले अनेक युवाओं के अरमान अधूरे रह जाते हैं। जिज्ञासा पारे ने कहा कि यदि मगरधा में कॉलेज की सौगात मिलती है तो आदिवासी युवक-युवतियों की सोच में बदलाव आएगा और वे अपना बेहतर भविष्य गढ़ सकेंगे। इससे पूरे क्षेत्र का विकास होगा और आने वाली पीढ़ी शिक्षित बनेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का सकारात्मक असर समाज पर दिखाई देगा और जागरूक युवा क्षेत्र, जिले एवं प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं के मामले में भी क्षेत्र के युवा काफी आगे हैं, लेकिन उचित अवसर और संसाधन नहीं मिलने के कारण उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है। गायन एवं नृत्य के क्षेत्र में भी यहां के कलाकारों की विशेष पहचान है। कॉलेज खुलने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे। शिक्षा एवं शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र पारे के नेतृत्व में विधायक डॉ. आर.के. दोगने को ज्ञापन सौंपकर मगरधा में कॉलेज खोलने की मांग की गई। मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, उच्च शिक्षा मंत्री एवं आयुक्त उच्च शिक्षा आयोग को भी पत्र लिखकर वर्षों पुरानी मांग पर अमल करने की अपील की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि यहां के युवक-युवतियां 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद दूरी और संसाधनों के अभाव में कॉलेज की पढ़ाई छोड़ देते हैं। यदि कॉलेज और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो क्षेत्र के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।  डॉ. दोगने ने आश्वासन दिया है कि वे विधानसभा में फिर से यह मुद्दा उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित रहने के कारण आदिवासी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया है। समाज जितना शिक्षित होगा, विकास उतनी तेजी से आगे बढ़ेगा। उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़कर युवा आदिवासी अंचल के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
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