-प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अनोखा तीर, हरदा। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देश भर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संत समाज, गौ सेवक और आमजन एकजुट हुए हैं। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को जिले के सैकड़ों गौसेवकों और नागरिकों ने शहर में वाहन रैली निकाली। वही एसडीएम कार्यालय में प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम अशोक डेहरिया को सौंपा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व अनिल गीते ने किया। अनिल गीते ने बताया कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रमुख प्रतीक है। इसकी रक्षा और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और प्रशासन का ध्यान गौ संरक्षण की ओर आकर्षित करना है। इस अवसर पर शाश्वत सोनी ने गौवंश की वर्तमान स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। उन्होंने गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सड़कों पर घूम रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। सोनी ने प्रभावी नीतियों के क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस अवसर पर पवन, शक्तिभाई, चीनु धोलिया, मोहन राजपूत, लकी झा, हरीश चौहान, मयंक बुंदेले, आयुष पाराशर, सुनील सिंह राजपूत, नितेश बादर, दीपकराज सोनी, उमेश प्रजापति, मोहनीश बादर, अशोक पाराशर, अशोक नेगी, सोहनलाल उन्हाले, सुयोग सोनी सहित कई अन्य गौसेवक मौजूद रहे। अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में तहसील स्तर पर कार्यक्रम होंगे, इसके बाद 27 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर, फिर अक्टूबर में राज्य की राजधानियों में और अंत में संत समाज अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचेगा। प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्रमाता या राष्ट्र धरोहर का दर्जा देना, पूरे देश में गौ हत्या पर एक समान प्रतिबंध लागू करना और गौ संरक्षण के लिए एक सशक्त केंद्रीय कानून बनाना शामिल है।

