ग्रेवल कार्य ठप, खेतों तक पहुंचना बना चुनौती

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अनोखा तीर, मसनगांव। ग्राम पंचायतों में पिछले चार वर्षों से ग्रेवल कार्य बंद होने के कारण किसानों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में जाने वाले कच्चे रास्तों की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन इनके सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शासन स्तर पर कई बार खेतों तक पहुंच मार्गों के सुधार के लिए योजनाएं बनाई गईं, परंतु उनका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन नहीं हो सका। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के रास्ते उबड़-खाबड़ और कीचड़युक्त बने हुए हैं, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बारिश में बढ़ती है परेशानी
बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। रास्तों पर पानी भरने और कीचड़ होने के कारण वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पाते। किसानों और मजदूरों को अपने वाहन सड़क पर खड़े कर कई किलोमीटर तक पैदल आवागमन करना पड़ता है। इस दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी संकट बना रहता है। किसानों का कहना है कि खराब रास्तों के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली खेतों तक ले जाना मुश्किल हो जाता है, जिससे बुवाई, कटाई और फसल परिवहन में देरी के साथ अतिरिक्त खर्च भी बढ़ जाता है।
वर्षों से लंबित है मांग
ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर ग्रेवल मार्ग या सीसी सड़क बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
स्वीकृति के अभाव में अटके कार्य
पंचायत सचिव नंदलाल बघेल ने बताया कि खेतों के रास्तों के निर्माण के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर जिला पंचायत को भेजे गए हैं, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रेवल मार्गों पर रोक होने से मोरम और गिट्टी का काम भी बंद है। स्वीकृति मिलने पर ही रास्तों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
सिकुड़ते जा रहे रास्ते
रास्तों की अनदेखी और अतिक्रमण के चलते स्थिति और खराब हो गई है। पहले जहां 80 कड़ी चौड़े रास्ते हुआ करते थे, वे अब सिमटकर 20 कड़ी तक रह गए हैं। हालत यह है कि जहां पहले दो ट्रैक्टर-ट्रॉली आसानी से निकल जाती थीं, अब एक वाहन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं, जिन्हें हटाकर दुरुस्त करने की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ग्रेवल कार्य शुरू कर खेतों तक पहुंच मार्गों का सुधार कराया जाए और अतिक्रमण हटाकर रास्तों को चौड़ा किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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