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Thursday, 22 October 2026
हरदा

अवैध नलकूप खनन पर प्रशासन की सख्ती बेअसर

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-रात के अंधेरे में जारी ‘बोरिंग माफियाÓ का खेल
अनोखा तीर, हरदा। जिले में भू-जल संरक्षण के लिए प्रशासन द्वारा लागू किए गए सख्त प्रतिबंध जमीनी स्तर पर बेअसर साबित होते नजर आ रहे हैं। 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक निजी नलकूप और हैंडपंप खनन पर पूर्ण रोक के बावजूद अवैध बोरिंग का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। कलेक्टर के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए बोरिंग संचालक और एजेंट रात के अंधेरे में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
रात में सक्रिय ‘बोरिंग नेटवर्कÓ
सूत्रों के अनुसार, बाहरी राज्यों से मशीनें मंगाकर स्थानीय एजेंटों के माध्यम से खेतों में अवैध नलकूप खनन किया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क रात के समय सक्रिय रहता है ताकि प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
दो जगह कार्रवाई, मशीनें जब्त
हाल ही में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध बोरिंग पर शिकंजा कसा। थाना छीपाबड़ क्षेत्र के ग्राम मुहाल में खेत में चल रही बोरिंग मशीन को मौके पर पकड़ा गया। वहीं सिराली थाना पुलिस ने ग्राम सुंदरपानी में खनन कर लौट रही मशीन को जब्त किया। जांच में सामने आया कि संचालकों के पास कोई वैध अनुमति या दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने मशीनों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
200 रुपये प्रति फिट तक वसूली
जानकारी के मुताबिक, प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग के लिए 200 रुपये प्रति फीट तक वसूली की जा रही है। इस मोटी कमाई के चलते यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अनियंत्रित खनन आने वाले समय में भू-जल स्तर को और नीचे धकेल सकता है, जिससे जिले में जल संकट गहरा सकता है।
सख्ती जरूरी, वरना हालात बिगड़ेंगे
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई एक चेतावनी जरूर है, लेकिन ‘बोरिंग माफियाÓ पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन को लगातार सख्ती और प्रभावी निगरानी की जरूरत है। वरना प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

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