अनोखा तीर, मसनगांव। सचिवों की हड़ताल के कारण क्षेत्र की अधिकांश पंचायतों में ग्रामीणों के काम प्रभावित हो रहे हैं। पिछले दो दिनों से सचिवों के काम पर नहीं आने से कुछ पंचायतों में ताले लटके हुए हैं, जबकि कुछ में सरपंच और सहायक सचिव द्वारा पंचायत के ताले खोले जा रहे हैं। मार्च का अंतिम सप्ताह होने से गांवों में टैक्स वसूली जैसे कार्यों पर भी विराम लगा हुआ है। पंचायत स्तर पर होने वाले कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकानों का जियोटेक निर्माण कार्य, समग्र आईडी, पेंशन स्वीकृति, संबल योजना पंजीयन, राशन पर्ची, हितग्राही मूलक योजनाएं, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। ये अधिकांश कार्य सचिव की आईडी से संचालित होते हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
डेढ़ साल से नहीं मिली पांचवें वित्त की राशि
ग्राम पंचायतों को ऊपरी खर्च के लिए मिलने वाली पांचवें वित्त की राशि पिछले डेढ़ साल से नहीं मिल पाई है, जिससे छोटे-छोटे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकांश पंचायतें 15वें वित्त की राशि पर निर्भर हैं, जो जनसंख्या के आधार पर मिलती है और टाइड व अनटाइड मदों में उपयोग की जाती है। स्टेशनरी जैसे खर्चों के लिए मुख्य रूप से पांचवें वित्त की राशि का उपयोग होता है, लेकिन इसके अभाव में पंचायतों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम में छह माह पहले मुक्तिधाम में लगभग 4 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कार्य किया गया, वहीं नाली निर्माण सहित अन्य कार्यों की राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है, जिससे पंचायत पर देनदारियां बनी हुई हैं। इस संबंध में पंचायत सचिव नंदलाल बघेल ने बताया कि पांचवें वित्त और स्टांप शुल्क की राशि पिछले डेढ़ साल से नहीं मिली है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं वीड पंचायत के सचिव दिनेश पंचोली ने बताया कि प्रदेश स्तर पर पंचायत पोर्टल से ऑनलाइन कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण कुछ पंचायतों के भुगतान अटके हुए हैं।
ग्रेवल मार्ग और मुरम कार्यों पर रोक
ग्राम पंचायत में ग्रेवल मार्ग और मुरम कार्यों पर रोक लगी होने से खेतों तक जाने वाले रास्तों की स्थिति खराब बनी हुई है। कई जगह किसान अपने खर्च पर मुरम डालकर रास्ते सुधार रहे हैं। गांव की सड़कों की हालत भी खराब है, लेकिन फंड के अभाव में पंचायत मरम्मत कार्य नहीं करा पा रही है। नाली निर्माण के लिए भी राशि मिलने का इंतजार किया जा रहा है। पंचायत सचिव नंदलाल बघेल ने बताया कि चार माह पहले मुक्तिधाम का कायाकल्प कराया गया था, लेकिन उसकी राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई। कुछ स्थानों पर नालियां भी बनाई गईं, जिनका भुगतान अटका हुआ है। गांव की जर्जर सड़कों के लिए जिला पंचायत से बजट की मांग की गई है। राशि स्वीकृत होने पर सीसी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
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