-जहां पत्थर रखकर होती हैं मन्नतें पूरी, सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है पत्थर चढ़ाने की प्रथा
बलवीर सिंह खत्री, हंडिया। सिद्ध क्षेत्र से महज 2 किलोमीटर दूर नर्मदा-जामनेर संगम के निकट मार्ग पर सदियों पुराना दगड़िया बाबा का स्थान आज भी आस्था और विश्वास का अनूठा संगम है, जहां दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं दग्गड़ (पत्थर) चढ़ाकर पूरी होती हैं। बताया जाता है कि आसपास के किसान भी अपनी फसलों के लिए बाबा से मन्नत मांगते हैं और मन्नत पूरी होने पर साल में दो बार मलिदा के प्रसाद का भोग लगाते हैं। इस संबंध में बताया जाता है कि एक ऐसा भक्त भी था, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त था और प्रतिदिन बाबा को प्रसाद के स्थान पर पत्थर चढ़ाता था। लेकिन एक दिन ऐसा चमत्कार हुआ कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया। किसान लखनलाल बताते हैं कि निसंतान व्यक्ति भी यहां मन्नत मानें तो उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आज दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर दगड़िया बाबा के स्थान पर आते हैं और मनचाही मन्नत पाते हैं।
उपेक्षित है यह स्थान
शासन-प्रशासन तथा स्थानीय प्रतिनिधियों की कथित उपेक्षा के चलते यह स्थान कई वर्षों से उपेक्षित पड़ा हुआ है। नेमावर आत्माराम बाबा मार्ग पर स्थित इस चमत्कारिक स्थान पर प्रतिदिन आसपास के ग्रामीण अंचलों से आने वाले श्रद्धालुओं को बरसात के दिनों में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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