किसान आक्रोश मोर्चा ने नैतिक मुद्दो का ज्ञापन दिया

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-किसानों की विभिन्न मांगों का समय-सीमा में हो समाधान
अनोखा तीर, हरदा। किसान आक्रोश मोर्चा हरदा द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं नैतिक मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर हरदा के माध्यम से आवेदन सौंपा गया। संगठन ने वर्तमान मौसम परिस्थितियों एवं शासन की नीतियों के कारण किसानों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि दिसंबर माह में हरदा जिले में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे प्रशासन द्वारा किया गया था, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाए। साथ ही जो किसान सर्वे से छूट गए हैं, उनका तत्काल सर्वे कर राहत राशि एवं बीमा राशि प्रदान की जाए। खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का बीमा अब तक किसानों के खातों में नहीं डाला गया है, जिसे शीघ्र अंतरित करने की मांग की गई है। मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल पर किए जाने की मांग करते हुए बताया गया कि वर्तमान में बाजार मूल्य 1200 से 1500 रुपये के बीच है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। फसल गिरदावरी नहीं होने एवं फार्मर आईडी में कई खसरे छूट जाने के कारण किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है तथा ई-टोकन से खाद नहीं मिल पा रही है। इस समस्या का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई है। आवेदन में 15 मार्च से गेहूं एवं चने की खरीदी समर्थन मूल्य पर प्रारंभ करने, गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करने तथा सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की मांग भी शामिल है। ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए तवा बांध से 25 मार्च से नहर में पानी छोड़े जाने और मूंग की खरीदी समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने की बात कही गई है। संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले केंद्रीय बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख रुपये तक 7 प्रतिशत ब्याज पर करने की घोषणा की गई थी, जिसका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है। वर्तमान में 3 लाख रुपये की सीमा पर 7 प्रतिशत तथा 5 लाख रुपये की सीमा पर 12 प्रतिशत ब्याज लग रहा है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त सहकारी समितियों की वसूली की अंतिम तिथि 30 मार्च से बढ़ाकर 30 मई करने की मांग भी की गई है। आवेदन की प्रतिलिपि किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री मध्यप्रदेश शासन तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री भारत सरकार को भी प्रेषित की गई है।

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