अनोखा तीर, हरदा। पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल ने बताया कि उनकी दादी सास ग्राम अहलवाडा निवासी स्वर्गीय हरिशंकर पटेल सऊ की काकी मां, नर्मदाप्रसाद सऊ की दादी मां तथा अंकुश और अंशुल की परदादी स्वर्गीय केसर बाई सऊ का निधन 3 जनवरी 2026 को हो गया था। उनकी स्मृति में छ: मासी एवं तेरहवीं के कार्यक्रम के अवसर पर पर्यावरण और समाज के हित में विशेष पहल की गई। इस दौरान चीकू के फलदार पौधे लगाए गए और परिवारजनों व रिश्तेदारों को वितरित किए गए। साथ ही परिवारजन, रिश्तेदारों, बहन-बेटियों द्वारा 22 यूनिट रक्तदान कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कमल पटेल ने बताया कि स्वर्गीय केसर बाई ने 95 वर्ष की आयु में शरीर त्यागा और वे जीवन के अंतिम समय तक स्वस्थ, सक्रिय एवं कर्मठ रहीं। उन्हें बगीचा लगाने का विशेष शौक था और उन्होंने अपने घर की बाड़ी में फलदार बगीचा विकसित किया था। इसी स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से उनके नाम पर चीकू के फलदार पौधे लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि जब ये पौधे घरों के आंगन में फल देंगे, तो बच्चों और अतिथियों के लिए यह सुख और स्वास्थ्य का प्रतीक बनेंगे तथा दिवंगत दादी मां की स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी। इस अवसर पर एक अनूठी पहल करते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। कमल पटेल ने बताया कि उनकी बेटी प्रीति के सुझाव पर परिवार, बहनों, मौसियों, गांव के लोगों एवं रिश्तेदारों ने रक्तदान करने का संकल्प लिया, ताकि किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सके। इस आयोजन में बड़ी संख्या में बेटियों, बहनों और युवाओं ने भाग लेते हुए कुल 22 यूनिट रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी हर वर्ष पुण्यतिथि पर इस प्रकार के सामाजिक और जनकल्याणकारी आयोजन किए जाते रहेंगे। पूर्व मंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत दादी सास को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो और परिवार सहित सभी को सद्कर्म करने की प्रेरणा प्रदान करें।





