नेपाल सिंह को मिला ‘इनोवेशन एंड सोशल वेलफेयर अवार्डÓ

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

-अंतरराष्ट्रीय वन मेला में मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार
अनोखा तीर, भोपाल। अंतरराष्ट्रीय वन मेला भोपाल 2025 के अवसर पर पर्यावरण, संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील जैन द्वारा बघेलखंड की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं जैव विविधता संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए नेपाल सिंह बनाफर को ‘इनोवेशन एंड सोशल वेलफेयर अवार्डÓ से सम्मानित किया गया। नेपाल सिंह बनाफर ने अब तक 20 से 25 हजार बच्चों को जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया है, वहीं लगभग पांच हजार वन रक्षकों को जैव विविधता संरक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया है। नेपाल सिंह बनाफर को जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए कई बार ‘बेस्ट ट्रेनर अवार्डÓ भी मिल चुका है। उन्होंने परंपरागत चिकित्सा एवं प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिसके लिए उन्हें सात बार अंतरराष्ट्रीय वैद्य का प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ है। इसके अलावा जैव विविधता संरक्षण, लोकज्ञान एवं पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में सतत और प्रभावी कार्यों के लिए जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय ‘उत्कृष्ट अवार्डÓ भी प्रदान किया जा चुका है। उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘फेस्टोÓ का प्रदर्शन रीवा में किया गया था, जिसके लिए उन्हें आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी प्राप्त हुआ। इसी अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड की वन मेला प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे राज्य में जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बघेलखंड का पठार, जो प्राचीन साक्ष्यों, पुरातात्विक धरोहरों और लोक परंपराओं से समृद्ध है, नेपाल सिंह बनाफर जैसे व्यक्तित्वों के कारण आज भी जीवंत है। रीवा क्षेत्र की यह प्रमुख शख्सियत बघेली भाषा, लोकगीत, परंपरागत ज्ञान और लोकसंस्कृति को समाज तक निरंतर पहुंचा रही है। एक समय स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे नेपाल सिंह बनाफर ने रीवा क्षेत्र में घटती हरियाली और वन संपदा को देखकर जीवन की दिशा बदल ली। पिछले 20 वर्षों से वे जैव विविधता और वन संपदा संरक्षण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश भर में जैव विविधता, वन औषधियों और पारंपरिक ज्ञान के प्रतिष्ठित रिसोर्स पर्सन के रूप में पहचाने जाते हैं। भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण सत्रों में भी वे नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं। नेपाल सिंह बनाफर का जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब व्यक्ति प्रकृति, संस्कृति और इतिहास को अपना ध्येय बना लेता है, तो वह स्वयं एक जीवंत धरोहर बन जाता है।

Views Today: 8

Total Views: 90

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!