छिपीखापा कटाई कांड में हॉफ के सख्त निर्देश के सीसीएफ ने डीएफओ गुर्जर के खिलाफ आरोप पत्र  भेजा

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-तीन महीने से ढाई करोड़ की हुई अवैध कटाई पर डीएफओ को बचाने के हो रहे थे प्रयास
गणेश पांडे, भोपाल। नर्मदापुरम के इटारसी रेंज अंतर्गत अकेले छिपीखापा बीट में ढाई करोड़ कीमत से अधिक हुई अवैध कटाई के मामले में तीन महीने बाद सीसीएफ अशोक कुमार ने डीएफओ मयंक गुर्जर के खिलाफ सोमवार को आरोप-पत्र बनाकर मुख्यालय को भेज दिया। सीसीएफ कुमार ने डीएफओ का आरोप-पत्र तब बनाया जब वन बल प्रमुख (हॉफ) वीएन अंबाड़े ने कुमार को गंभीर अनुशासनहीनता, आदेशों की अवमानना तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का नोटिस जारी किया है। इसके पहले भी सीसीएफ को कई बार डीएफओ के विरुद्ध आरोप-पत्र बनाकर भेजने के मौखिक और लिखित निर्देश दिए जा चुके थे।  नर्मदापुरम के इटारसी रेंज अंतर्गत छिपीखापा बीट में निरीक्षण के दौरान दिनांक 1 जनवरी 23 से निरीक्षण दिनांक तक अवैध रूप से कटे सागौन के 1242 ठूंठ एवं सतकट के 38 ठूठ कुल 1280 ठूंठ पाये गये। दिनांक 1 जनवरी 2023 से निरीक्षण दिनांक के पूर्व तक बीट में में जारी किए गए वन अपराध प्रकरणों से मिलान करने के उपरांत सागौन के 693 ठूंठ सतकट के 07 ठूंठ कुल 700 ढूंढों का वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध होना नहीं पाया गया। परिणामस्वरूप स्थानीय बीटगार्ड द्वारा 700 ठूठों का वन अपराध प्रकरण क्र.13707/74 दिनांक 18 सितम्बर 25 पंजीबद्ध किया गया। इस अवैध कटाई में बीट छीपीखापा में कुल हानि राशि रु. 20495770/- होना पायी गयी। वन विभाग के इतिहास में अवैध कटाई से अब तक की नुकसानी का सबसे बड़ा है। बावजूद इसके सीसीएफ अशोक कुमार ने डीएफओ के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि छोटे वनकर्मियों के खिलाफ 63 लाख से लेकर 73 लाख तक की रिकवरी करने का फरमान जारी कर दिया था।
पीसीसीएफ संरक्षण के पत्रों का किया इग्नोर
पीसीसीएफ संरक्षण विभाष ठाकुर ने ढाई करोड़ से  अधिक की हुई कटाई को लेकर डीएफओ से लेकर बीटगार्ड तक जिम्मेवारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के पत्र लिखे किन्तु उनके पत्र सीसीएफ द्वारा इग्नोर किया जाता रहा। अलबत्ता, छोटे-छोटे वनकर्मियों, रेंजर और डिप्टी रेंजर पर कार्रवाई की गई। डीएफओ और एसडीओ के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद पीसीसीएफ संरक्षण ठाकुर ने वन बल प्रमुख और शासन को पत्र लिखकर एक्शन लेने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा था। पीसीसीएफ संरक्षण के पत्र के बाद कई मर्तबा सीसीएफ कुमार से वन बल प्रमुख ने डीएफओ के खिलाफ आरोप-पत्र बनाकर भेजने के मौखिक निर्देश भी दिए। अंबाड़े के निर्देश पर भी सीसीएफ नर्मदापुरम कुंडली मारकर बैठ गए।
निर्देशों की अवहेलना करना गंभीर अनुशासनहीनता
बार-बार बोलने के बाद भी डीएफओ पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर वन बल प्रमुख अंबाड़े को 23 दिसम्बर को सीसीएफ कुमार को सख्त अल्टीमेटम देना पड़ा। सीसीएफ को भेजे अपने पत्र में लिखना पड़ा कि इतनी व्यापक शासकीय क्षति होने के बावजूद आपके द्वारा आज दिनांक तक डीएफओ नर्मदापुरम के विरुद्ध कोई भी ठोस एवं प्रभावी अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई है। जबकि आपको दूरभाष पर स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष निर्देश दिए गए थे कि संबंधित वनमण्डलाधिकारी के विरुद्ध आरोप-पत्र तत्काल तैयार कर प्रेषित किया जाए। इसके बावजूद आपके द्वारा आज दिनांक तक उक्त निर्देशों की अवहेलना करना गंभीर अनुशासनहीनता, आदेशों की अवमानना तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के समान है।
सीसीएफ से मांगा लिखित स्पष्टीकरण
अत: आपको अंतिम रूप से निर्देशित किया जाता है कि वनमण्डलाधिकारी, सामान्य वनमण्डल, नर्मदापुरम के विरुद्ध आरोप-पत्र तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें तथा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आरोप-पत्र प्रस्तुत न किए जाने के संबंध में कारण स्पष्ट करते हुए अपना लिखित स्पष्टीकरण इस पत्र की प्राप्ति से 3 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण अप्राप्त होने अथवा असंतोषजनक पाये जाने की दशा में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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