-केवल व्यक्तिगत शिकायत करने वाले किसानों को ही मिला लाभ
अनोखा तीर, मसनगांव। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में विसंगति के कारण इस बार सोयाबीन फसल खराब होने पर बीमे का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिल रहा है, जिन्होंने खरीफ सीजन में फसल नुकसान की व्यक्तिगत शिकायत कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराई थी। पिछले कुछ दिनों से कुछ किसानों के खातों में बीमा राशि पहुंचने के बाद अन्य किसानों ने बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी ली। ग्राम के किसान रामनिवास रायखेरे, रतनदीप पाटिल, नितेश पाटिल और कमलेश बांके ने बताया कि अधिकारियों से चर्चा में बताया गया कि खरीफ सीजन में बोई गई सोयाबीन फसल की खराबी का अभी तक ईल्ड बेस पर आकलन नहीं हो पाया है। आकलन के बाद प्रदेश और केंद्र सरकार के हिस्से की राशि बीमा कंपनी को रिलीज होने पर ही किसानों को भुगतान का प्रावधान है। फिलहाल इस संबंध में कंपनी के पास कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में सभी किसानों की फसल इस वर्ष खराब हुई है और प्रदेश सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत राशि भी प्रदान की है। ऐसे में फसल बीमा योजना का लाभ भी सभी किसानों को मिलना चाहिए। लेकिन अब तक केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिला है, जिन्होंने समय रहते कंपनी को सूचना देकर फसल का मुआयना कराया था। जिले में ऐसे कई किसान हैं जिन्हें बीमा राशि प्राप्त हो चुकी है। एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी लोकेश सैनी ने बताया कि ईल्ड बेस के आधार पर बीमा राशि जारी नहीं की जा रही है क्योंकि अभी तक हल्कों के आधार पर फसल नुकसान की जानकारी उपलब्ध नहीं है। राज्य सरकार से हल्कों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही बीमा क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त राशि के आधार पर ही किसानों को भुगतान किया जाता है। कृषि विभाग के उपसंचालक जे.एल. कास्दे ने बताया कि व्यक्तिगत क्लेम करने वाले किसानों को अब तक 14 करोड़ 78 लाख रुपए बीमे के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। ईल्ड बेस्ड आकलन की रिपोर्ट शासन द्वारा बीमा कंपनी को भेजने के बाद ही हल्कावार क्लेम का भुगतान कि
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