दुबई से चलता था अवैध सट्टाबाजी नेटवर्क,  6 गिरफ्तार

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– ९.84 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 20 एटीएम, 8 पासबुक, 4 मोबाइल जब्त
अनोखा तीर, बैतूल। बैतूल पुलिस ने एक संगठित साइबर धोखाधड़ी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का खुलासा कर पूरे जिले को चौंका दिया। करीब 9.84 करोड़ रुपए के इस विशाल नेटवर्क को तोड़ने के लिए पिछले एक महीने से साइबर सेल और एसआईटी की संयुक्त टीम गुपचुप तरीके से काम कर रही थी। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और एएसपी कमला जोशी के निर्देशन में चल रहे इस ऑपरेशन का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता गया और आखिरकार वह जाल सामने आया, जो बैतूल से लेकर इंदौर और फिर दुबई तक फैला हुआ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरी कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने बैतूल में राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को पकड़ा। जांच में पाया गया कि अंकित इस नेटवर्क का कैश हैंडलर था, यानि अलग-अलग खातों में आए करोड़ों रुपए को निकालना और आगे भेजना उसी के जिम्मे था।
इंदौर में पकड़ा गया फाइनेंशियल आर्किटेक्ट
कुछ ही दिनों बाद पुलिस की नजरें इंदौर पर टिकीं, जहां से अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। अमित वह व्यक्ति निकला जो इस पूरे कारोबार के फाइनेंशियल तंत्र को संभाल रहा था। लेन-देन, खातों की व्यवस्था, नए म्यूल अकाउंट्स जुटाना, सब उसी की देखरेख में था। जांच में बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि अमित ने अवैध कमाई से बीएमडब्ल्यू कार और एक आलीशान बंगला खरीदा था। सबसे अहम कार्रवाई 11 दिसंबर को हुई, जब पुलिस ने इंदौर में दबिश देकर इस नेटवर्क के दो मुख्य चेहरों राजेंद्र राजपूत और ब्रजेश महाजन को गिरफ्तार कर लिया। राजेंद्र राजपूत कई बैंक अकाउंट्स और म्यूल एटीएम कार्ड्स के जरिए पैसे निकालने का काम करता था। उसके पास से 20 एटीएम कार्ड, 8 पासबुक, 4 मोबाइल फोन और लेन-देन की एक डायरी बरामद हुई।
ब्रजेश महाजन को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। ब्रजेश एक बुलियन व्यापारी है और दुबई से संचालित अवैध बेटिंग वेबसाइटों की मास्टर आईडी भारत में बेचता था। इन आईडी की कीमत 25 हजार से 2 लाख तक थी। पुलिस ने उसके कब्जे से एक एल्काजार कार एवं और दो मोबाइल फोन जब्त किए।
दुबई लिंक और करोड़ों की मनी ट्रेल
जांच में कई वेबसाइटें सामने आई हैं। जिन पर भारत के सैकड़ों यूज़र्स से पैसे जुटाकर दुबई भेजे जाते थे। यह रकम फिर रियल एस्टेट, लक्ज़री कारों और चेन ट्रांजैक्शंस में निवेश की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक ऐसे नेटवर्क युवाओं को लुभाकर तेजी से धन कमाने के झूठे सपने दिखाते हैं और उन्हें अवैध धंधों में धकेल देते हैं। एसपी वीरेंद्र जैन ने कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना करते हुए कहा साइबर और आर्थिक अपराध के खिलाफ बैतूल पुलिस की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने बताया कि अब तक 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस अब इस नेटवर्क की डिजिटल फोरेंसिक जांच तथा मनी ट्रेल का विस्तार से अध्ययन कर रही है। उक्त कार्यवाही में डीएसपी दुर्गेश आर्मो, मयंक तिवारी, नीरज पाल, एसआई रवि शाक्य, उत्तम मस्तकार, राकेश सारेयाम, छत्रपाल धुर्वे, एसआई अरुण यादव, प्रधान आरक्षक दीपक कटियार, तरुण पटेल, आरक्षक अनिरुद्ध यादव, उज्जवल दुबे, प्रदीप कहार, विकास जैन, विवेक टेटवार, निर्मला, प्रीति भारती एवं साइबर सेल से एसआई  अश्विनी चौधरी, नवीन सोनकर, आरक्षक राजेंद्र, बलराम राजपूत, दीपेन्द्र सिंह, पंकज, सचिन की सराहनीय भूमिका रही।

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