-बहन माही ने छोटे भाई अक्षत, आश्रय को तिलक लगाकर मनाया स्नेह पर्व
अनोखा तीर, हरदा। दीपोत्सव के समापन पर शुक्रवार को भी भाई-बहन के स्नेह और प्रेम का पर्व भाई दूज बड़े उत्साह, उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया। यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्तों की मिठास को ही नहीं दिखाता, बल्कि पारिवारिक एकता और परंपरा के महत्व को भी उजागर करता है। पूरे शहर में सुबह से ही त्यौहार का उत्साह दिखाई देने लगा, लोग अपने घरों को दीपों और रंगोली से सजाने में जुट गए। बहनों ने पूजा थाल सजाई, मिठाई तैयार की और भाइयों को तिलक लगाकर उनके उज्जवल भविष्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की। खेड़ीपुरा क्षेत्र में इस अवसर पर विशेष आनंद और हर्ष देखने को मिला। बहन माही मोराने ने अपने छोटे-छोटे भाइयों अक्षत और आश्रय को विधिवत तिलक लगाकर भाई दूज का पर्व मनाया। उन्होंने आरती उतारी, मिठाई खिलाई और भाइयों के उज्जवल भविष्य की कामना की। छोटे भाई अक्षत और आश्रय ने भी अपनी बहन को आशीर्वाद और उपहार देकर अपने स्नेह और सम्मान का भाव व्यक्त किया। इस मिलन ने परिवार के सभी सदस्यों के चेहरों पर खुशी और उल्लास के रंग भर दिए। त्यौहार के दौरान घर और आंगन में दीपों की जगमगाहट से माहौल और भी हर्षोल्लासपूर्ण बन गया। पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध, परिवार के सदस्यों के हंसी-खुशी भरे संवाद और छोटे बच्चों की चहक ने पूरे घर को उत्सवमय बना दिया। पड़ोसी और रिश्तेदार भी इस अवसर पर मिलने आए, जिससे भाई-बहन का यह स्नेहिल मिलन और भी यादगार बन गया। भाई दूज का यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्तों की गहराई और मिठास का प्रतीक बना, बल्कि भारतीय संस्कृति में पारिवारिक प्रेम, एकता और परंपरा की अमूल्य धरोहर को भी उजागर करता है। हरदा शहर में दिनभर इस पवित्र पर्व की चर्चा रही और जगह-जगह भाई-बहन के स्नेहिल मिलन के मनमोहक दृश्य देखने को मिले। दीपों की रौशनी, मिठाइयों की मिठास और परिवार के सदस्यों के प्रेममय संवाद ने भाई दूज के इस पर्व को सभी के लिए अविस्मरणीय बना दिया
हर्षोल्लास से मना भाई दूज का त्यौहार







