– 1 माह के बच्चे की जिंदगी बचाने आगे आए आरबीएसके जिला प्रबंधक और सीएमएचओ
अनोखा तीर, बैतूल। अक्सर कहा जाता है कि सरकारी कार्यालयों में काम कछुआ गति से होते हैं, लेकिन बैतूल स्वास्थ्य विभाग ने इस धारणा को बदलते हुए मानवता की मिसाल पेश की है। अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर आरबीएसके जिला प्रबंधक योगेन्द्र कुमार की तत्परता और सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े की संवेदनशीलता के चलते 1 माह 13 दिन के नवजात शिशु आद्विक इवने के हृदय ऑपरेशन के लिए 2 लाख 75 हजार रुपए की राशि तत्काल स्वीकृत कर दी गई। बताया गया कि वार्ड क्रं 1 शाहपुर निवासी संजय कुमार इवने के पुत्र आद्विक को जन्म के कुछ दिनों बाद ही सांस लेने में दिक्कत और तेज धड़कन की समस्या होने लगी। चिकित्सक की सलाह पर नागपुर में ईको जांच कराई गई, जिसमें बच्चे को गंभीर हृदय रोग पाया गया। परिजनों ने पहले रायपुर के सत्य सांई अस्पताल में निशुल्क इलाज की कोशिश की, लेकिन बच्चे को सर्दी-खांसी के कारण जांच नहीं हो सकी। इसके बाद पिता संजय कुमार इवने ने आरबीएसके जिला प्रबंधक योगेन्द्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत इंदौर के राजश्री अपोलो अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों से चर्चा की। डॉक्टरों की सलाह पर बच्चा इंदौर ले जाया गया, जहां जांच में हृदय की कई जटिल समस्याएं पाई गईं, जिनमें फेफड़ों से हृदय तक जाने वाली नली का गलत जुड़ाव शामिल था। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की आवश्यकता बताई, क्योंकि बच्चे का ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिर रहा था। बच्चे की रिपोर्ट और ऑपरेशन का इस्टीमेट योगेन्द्र कुमार को भेजे जाने पर उन्होंने तत्काल सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े से चर्चा की। डॉ. हुरमाड़े ने अवकाश के बावजूद कार्यालय खोलकर शासन की आरबीएसके योजना के तहत 2 लाख 75 हजार रुपए की राशि स्वीकृत कर आदेश जारी किया। यदि यह योजना नहीं होती, तो बच्चे के ऑपरेशन पर करीब 10 से 12 लाख रुपए का खर्च आता, जो परिवार के लिए असंभव था। इस मानवीय पहल में कंप्यूटर ऑपरेटर प्रवीण मेहुणकर का भी विशेष योगदान रहा।
