-वार्षिक सभा में गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा
-अब 110 करोड़ की वसूली पर टिकी उम्मीदें
अनोखा तीर, खरगोन। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक खरगोन-बड़वानी की 76वीं वार्षिक साधारण सभा तो बड़े धूमधाम और गरिमा के साथ हुई, लेकिन इसके बीच एक कड़वा सच भी सामने आया। सभा में सहकार भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश रत्नपारखी ने मंच से ही बैंक के पूर्व कार्यपालन अधिकारी श्री धनवाल पर गंभीर आरोप जड़ दिए। उन्होंने कहा कि बैंक की बकाया राशि वसूलने के बजाय अधिकारियों को गुमराह कर लगभग 20 करोड़ रुपए की चपत बैंक को लगाई गई। यही नहीं, एक साल तक बैंक की राशि जानबूझकर वसूल नहीं की गई और संस्था को नुकसान पहुंचाया गया।
मंच पर प्रशासन को घेरे में लिया
सभा में प्रशासक एवं संयुक्त आयुक्त श्री मकवाना सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे। रत्नपारखी ने मंच से साफ कहा कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती, तो आज बैंक को करोड़ों का घाटा नहीं उठाना पड़ता। आखिरकार मकवाना को लिखित जवाब देने का आदेश देना पड़ा।
उम्मीदों का गणित
सहकार भारती की सक्रियता के चलते अब बैंक को करीब 110 करोड़ रुपए की वसूली की संभावना जताई जा रही है। सवाल यह है कि जब बैंक के हित में कानून की धाराएं मौजूद थीं, तो पिछले एक साल तक अधिकारियों ने आंखें क्यों मूंदी रखीं?
सम्मान और पुरस्कार के बीच उठे सवाल
सभा में जहां एक ओर कर्मचारियों को पुरस्कार और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर 20 करोड़ की गड़बड़ी का मुद्दा पूरे कार्यक्रम पर हावी रहा। चुभता सवाल यही है कि बैंक को नुकसान पहुंचाने वालों पर कब होगी सख्त कार्रवाई और क्या वाकई 110 करोड़ की वसूली जमीन पर उतरेगी या यह सिर्फ कागज़ों तक सिमटकर रह जाएगी?

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