-बेटे ने शिकायत कर कहा..ऑपरेशन के दौरान संक्रमित खून चढ़ाया
अनोखा तीर, हरदा। समीपस्थ ग्राम में रहने वाली 56 वर्षीय महिला घुटने के इलाज के लिए निजी चिकित्सालय में भर्ती हुई थी। इस दौरान उन्हें जिला चिकित्सालय में स्थित ब्लड बैंक से खून लेकर चढ़ाया गया था। चिकित्सीय लापरवाही के कारण महिला के एचआईवी पॉजिटिव होने का मामला सामने आया है। यह आरोप महिला के बेटे ने लगाए हैं। बेटे का कहना है कि उसकी मां को घुटनों की परेशानी के कारण २० अगस्त को बघेल हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ। सभी प्रकार की जांचे ही हुई, जो सब नार्मल थी। डॉक्टर द्वारा मेरी मां को ब्लड की आवश्यकता होने पर सरकारी अस्पताल से 2 यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया था। आयुष्मान योजना के तहत यह ऑपरेशन हुआ था। इसके पश्चात १० सितंबर को मेरी मां की पैर की हड्डी टूट गई, मां को पुन: बघेल हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां जांच होने के पश्चात मेरी माता जी को एचआईवी पॉजीटिव बताया गया, जबकि पहले आपरेशन के समय भी समस्त जांचे हुई थी, जिसमें कोई पॉजीटिव रिपोर्ट नहीं आई। १८ दिन बाद एचआईवी पॉजीटिव पाई गई। महिला के पुत्र ने बताया कि या तो बघेल हास्पिटल के चिकित्सा उपकरण या अन्य कारणों से मेरी मां एचआईवी पॉजीटिव हुई हैं या संक्रमित खून चढ़ाने से पॉजीटिव हुई है। उन्होंने इस मामले की जांच कर दोषियो के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. एच.पी. सिंह ने कहा कि ब्लड बैंक से दिए गए खून से एचआईवी संक्रमण होने की संभावना बहुत कम है। इस मामले की जांच की जा रही है।
पॉजिटिव होने के हो सकते हैं दूसरे कारण
बघेल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. विशाल सिंह बघेल ने कहा, संभव है कि मरीज पहले से ही एचआईवी पॉजिटिव रही हो। कई बार शुरुआती विंडो पीरियड में रिपोर्ट नेगेटिव आती है, लेकिन बाद की जांच में पॉजिटिव पाई जा सकती है।
बघेल हास्पिटल और ब्लड बैंक की लापरवाही से महिला एचआईवी पॉजिटिव

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