अनोखा तीर, हरदा। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले के किसानों को सलाह दी है कि गत 2-3 दिनों से हल्की वर्षा एवं मौसम में उतार-चढ़ाव होने के कारण मूंग फसल में इल्ली का प्रकोप होने की संभावना है। अत: इल्ली के प्रकोप से बचाव के किसान प्रतिदिन अपनी मूंग फसल का सतत निरिक्षण करें तथा इल्ली दिखाई देने पर कीटनाशक दवाई इमामेक्टिन बेजोंएट 5 प्रतिशत एस.जी. 200 ग्राम प्रति हेक्टयर अथवा प्रोफेनोफास 50 प्रतिशत ई.सी. 1.25 लीटर अथवा इन्डोसबाकार्व 14.5 एस.सी. 500 एमएल प्रति हेक्टयर की दर से छिड़काव करें। उन्होने सलाह दी है कि ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में पीला मोजेक रोग के नियंत्रण के लिए कीटनाशक थायोमेथाक्जाम 25 डब्ल्यूजी 40 ग्राम प्रति एकड़ अथवा इमीडॉक्लोप्रीड 17.8 एसएल 50 मिली प्रति एकड़ की दर से घोल बनाकर सुबह अथवा शाम के समय 100 से 125 लीटर प्रति एकड़ पानी मिलाकर स्प्रे करें।
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