ऋषि परंपरागत जैविक खेती ही भारत का आधार : डॉ. पालीवाल
अनोखा तीर, भोपाल। आयकर विभाग के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य आयुक्त डॉ.आरके पालीवाल द्वारा आज गांधी ग्राम सेवा एवं अनुसंधान केंद्र, चार मंडली पर जैविक खेती दर्शन के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया। सुशील कुमार जैन ने बताया कि संगोष्ठी में रिटायर्ड सीसीएफ कौशलेंद्र सिंह, डॉ. प्रतिभा राजगोपाल मध्यस्थता केंद्र संचालिका, संगोष्ठी के मुख्य सहयोगी पुरूषोतम तिवारी एवं भोपाल जैविक परिवार से जुड़े वरिष्ठजन, डॉक्टर्स एवं युवा उपस्थित रहे। आरके पालीवाल द्वारा जैविक खेती, परंपरागत खेती, ऋषि खेती, फसल चक्रण, फसलों के बफर जोन, जैव विविधता, जल संरक्षण की विधि एवं जल संरक्षण के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि अगर हमें स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करना है, तो अभी से ही रासायनिक खेती करना और रासायनिक अनाज का उपभोग पूर्णत: बन्द करना होगा। क्योंकि यह देश में फैल रही तमाम गंभीर बीमारियों की जड़ है। इससे हमारे खेतों की मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी समाप्त हो रही है, हर साल बंजर धरती का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। संगोष्ठी में आए सभी लोगों ने गांधी सेवा केंद्र पर हो रहे जैविक खेती, बागवानी और जल संरक्षण के विविध प्रयोग देखे और प्रकृति एवं पर्यावरण के महत्व को समझा, संगोष्ठी के बाद सभी ने जैविक सहभोज का आनन्द लिया।
जैविक खेती पर हुई संगोष्ठी

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