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Thursday, 29 October 2026
हरदा

हरदा जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में आया उल्लेखनीय सुधार

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‘‘मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व पर विशेष’’

 

अस्पतालों के लिये नये भवन बने, अस्पतालों की गुणवत्ता सुधरी


ब्रजेन्द्र शर्मा, हरदा-
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। पिछले एक वर्ष में हरदा जिले में करोड़ों रूपये के विकास कार्य हुए हैं, जिससे जिले के नागरिकों को काफी सुविधाएं मिली हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय हरदा का उन्नयन 100 से 200 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में किया जा चुका है। इसके लिये प्रदेश सरकार ने 18.77 करोड़ रूपये स्वीकृत किये है, जिससे नये भवन का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा जिला अस्पताल हरदा में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य भी छत स्तर तक पूर्ण हो गया है। यह भवन प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मद से 16.63 करोड़ रूपये लागत से निर्मित कराया जा रहा है। इसके अलावा जिला आयुष कार्यालय का भवन 91.93 लाख रूपये लागत से बनकर पूर्ण हो चुका है और शासकीय आयुष औषधालय गहाल लगभग 33.48 लाख रूपये लागत से निर्मित कराया जा चुका है। इन दोनों भवनों का लोकार्पण भी हो चुका है।

8 संजीवनी क्लिनिक व 2 उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन बनें
जिले के ग्राम चारूआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन 3.06 करोड़ रूपये लागत से बनकर तैयार हो चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि जिले में 8 संजीवनी क्लिनिक 2.20 करोड़ रूपये लागत से निर्मित हुई है, जिनमें से 5 संजीवनी क्लिनिक का निर्माण कार्य पूर्ण भी हो चुका है। संजीवनी क्लिनिक के भवन हरदा शहर के फाइल वार्ड, उड़ा, विकास नगर, छोटी हरदा, हरदा के वार्ड क्र. 17 में पॉलि क्लिनिक तथा बैरागढ़, खिरकिया व टिमरनी में निर्मित किये गये हैं। ग्राम कायदा और बांसपानी में 2 उपस्वास्थ्य केन्द्र भवनों का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिसकी कुल लागत 1.11 करोड़ रूपये है। इसके अलावा हंडिया में विकासखण्ड स्तरीय चिकित्सालय भवन का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है। जिले में 1.25 करोड़ रूपये लागत से आई.पी.एच.एल. लेब भी बनकर तैयार हो चुकी है।

8 उप स्वास्थ्य केन्द्र व 1 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन स्वीकृत
जिले के 8 उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये नये भवन स्वीकृत हो गये हैं। जिन ग्रामों में 65-65 लाख रूपये लागत के उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्मित किये जायेंगे, उनमें रातातलाई, नयापुरा, दीपगांवकला, खुदिया, प्रतापपुरा, आलमपुर, छीपानेर और सिंगनपुर शामिल हैं। मसनगांव में 1.59 करोड़ रूपये लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन स्वीकृत हुआ है।

21 अस्पतालों की गुणवत्ता हुई राष्ट्रीय स्तर की
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने बताया कि जिले का एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टिमरनी, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रहटगांव तथा 21 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर कांकरिया, करताना, पिपल्या खुदिया, खामापड़वा, बालागांव, कनारदा, नजरपुरा, मनियाखेड़ी, जटपुरा, मांदला, पड़वा, भगवानपुरा, मुहालकला, महेंद्रगांव, बम्हनगांव, टेमागांव, चौकड़ी, खमगांव, बैड़ी, कमताड़ा तथा पलासनेर स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक के तहत चयनित हो चुके हैं। राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुसार प्रमाणित घोषित किये जा चुके हैं।

आयुष्मान योजना से मरीजों को प्रायवेट अस्पतालों में निःशुल्क इलाज की सुविधा मिली
जिले के 313369 नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके है। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान कार्ड से एक परिवार के सदस्यों को एक वर्ष में 5 लाख रूपये तक के उपचार की सुविधा निःशुल्क प्राप्त हो जाती है। इस योजना के तहत 37 करोड़ रूपये की राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के 10088 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं।

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