– बात म्हारा गांव की
प्रहलाद शर्मा
भईया ठंड कड़ाका की पड़ रई ह। अब ओका तो दिन ह अबी नी पड़ेगी तो कब पड़ेगी? बात तो तू सइ के रयो यार। पर खाली पीली बात ही करगो की चाय पानी भी पिलायगो? पिलाऊ नी बैठो तो। ये लेओ गजाधर भईयो भी आ गयो। राम-राम रे गोई होन। राम-राम भैय्या। काई गुफ्तगु चल रई। भैय्या ठंड की बात कर रया था, और काई। बड़ा दिन बाद दिख रया। आजकल कहां उलझा रयो। यार एक फैक्ट्री खोलना की सोच रयो। अरे वाह भाई फैक्ट्री। हां यार सरकार जमीन भी दे रई और लोन भी तो मैने सोची दूसरा की चाकरी से घर को काम खोल लेयगा तो पोरया होन भी लेन से लग जायगा और गांव का चार दूसरा छोरा होन क भी रोजगार मिल जायगो। यार बात तो तू सही कह रयो। पर सरकार इत्ती आसानी स पैसा थोड़ा दे, चप्पल घिस जाएगी। नी यार रामदीन अब तो हमारा मुख्यमंत्री मोहन भैय्या जगह-जगह उद्योग लगाना क लिए बड़ा-बड़ा कार्यक्रम कर रया। अभी पिछला दिन अपना नर्मदापुरम म आया था तो हाथोंहाथ लोग होन क जमीन का कागज पकड़ा दिया। हां यार या बात तो माननो पड़ोगे की यो पट्ठो काम तो खूब कर रयो। अपन तो मामा की ही माला जपता था फिर सोची मामो गया तो विकास को बेड़ोगर्ग हो जायगो। पर यार यो मोहन पहलवान तो पक्को पहलवान ही निकल्यो। ए न मामा की कमी दूर कर दी यार। बाईचारा होन सोचती थी कि मामो चली जायगो तो उनका लाड़ली बहन वाला पैसा आनो बंद हो जायगो। पर देखो नी एक महीनों भी असो नी गयो जब पैसा नी आया हो। लेयो भैय्या चाय का साथ चर्चा करो तो मजा और आयगा। हां यार ठंड म चाय तो मजा ला दे। भैय्या मजा तो अब और भी आयगा। अपनो मोहन भैय्यो अब गांव-गांव सरकारी मोटर चलाने जा रयो ह। हां यार पिछला दिन अखबार में पढय़ो थो कि काई बिजली स चलना वाली मोटर चलायगो, कै रे फिर तो ओ म पैसा भी कम लगेगा। हव नी तो, फिर या प्रायवेट मोटर वाला रस्ता पर आ जायगा। अरे भैय्या रामदीन मोटर वोटर तो छोड़ अब तो मोहन भैय्यो जे रस्ता से भगवान राम बनवास गया था ओके भी अच्छी बनवा रया ह और इत्तो ही नी अपना उज्जैन क आसपास भगवान श्रीकृष्ण जहां जहां गया था वहां वहां तो रस्तो और उनकी याद म जगह जगह देखना लायक चीज बना रया। नी यार, कै रे फिर तो पूरा देश से लोग अपना प्रदेश म घूमन फिरन आयगा। हव नी तो आयगा ही सरी। फिर तो उधर का क्षेत्र वाला लोग होन की मजा ही मजा ह। धंधो पानी भी खूब चलगो और नया रोजगार भी खूब खुलेगा। हां यही कारण तो वे सब कर रया ह। रोजगार लगाना क लिए वे कब स परेशान हो रया पिछला दिन विदेश भी गया था। जगह जगह स बड़ा बड़ा उद्योगपतियो होन क बुला रया की हमारा प्रदेश म अपनी फैक्ट्री लगाओ हम तुम्हारा क सरकार तरफ से पूरी सोहलियत देगा। अब तो उद्योगपति भी आन लगया ह। जगह-जगह फैक्ट्री खुलेगी तो लोग होन क रोजगार भी खूब मिलेगो और फैक्ट्री क लिए सामान भी तो अपना से ही खरीदेगा। कै रे तो वे लोग मशीन बनायगा की अपना अनाज का समान? अब यार सब तरह की फैक्ट्री आयेगी कोई मक्का खरीदेगो, तो कोई आलू, तो कही क तो गहूं चना लगेगा। जै के जैसी जरुरत पड़ेगी किसान वही फसल तो पैदा करेेगो। यार यो काम तो बड़ों अच्छो कर रयो। गजाधर भय्या खाली यो ही काम नी कर रयो। हमारा छोरा छोरी होन म अच्छा संस्कार देना क लिए अब उनने स्कूलों में गीताजी को ज्ञान देना को काम भी शुरू कर दियो ह। अरे ओन तो गाय पालना पर भी पैसा देना की योजना बना डाली। गाय अपन पालो दूध भी पीयो और भूसा चारा का पैसा सरकार से लेयो। वाह यार ये तो पक्को मनमोहन निकल्यो। जसा कृष्ण कन्हैया गाय होन की चिंता करता था उसा ही यो हमारो मोहन भैय्यो भी कर रयो। अरे गऊशाला होन भी तो खुलवा रयो नी। हां यार जब यो मुख्यमंत्री बनो तो सोची नी थी कि सरकार चला लेगो। पर जै दिन स कुर्सी पर बैठयो ह पांव म चकरी बांध ली, पूरा प्रदेश को चक्कर लगा डालयो। यार तुम न तो मोहन पुराण ही शुरु कर दी। रामदीन जै आदमी अच्छो काम करे ओ की चर्चा भी अच्छी हो, अब तूने हमके ठंड में चाय पिलाई तो थारी तारीफ भी तो करनो पड़ेगो। अरे पर तुम तो मोहन की माला जप रया। यार देख पैलम सब मामा मामा करता था, जब मामो गयो तो कोई न सोची थी कि मोहन यादव सरकार की लगाम पकडक़र सरपट गाड़ी दौड़ा पायगो? हां भैय्या बात तो सही है पर म्हारा क तो उनकी एक बात खूब जची। ले तू भी बता थारा क काई अच्छो लगयो। यार पैलम सरकारी अफसर होन की लापरवाही स कोई घटना घट जाय या हमारा जैसा छोटा लोग होन की बात नी सुनी जाय, सरकारी अधिकारी उनकी बेइज्जती कर दे तो कोई केना सुनना वालो नी थो। और ज्यादा कहीं हुई तो छोटा मोटा कर्मचारी होन क सस्पेंड कर देता था। पर जब से मोहन भैय्यो आये ओ न छोटी मछली नहीं बड़ा मगरमच्छ होन पर हाथ डालयो। हां यार बात तो तूने सही कही, सीधा कलेक्टर कमीशनर होन की ही छुट्टी कर दी। अपनो मामो तो उल्टा टांगना की कहतो थो पर यो भैय्या न तो टांग ही दिया। सही बात है यार पूत का पांव पालना म दिख जाय। अभी तो एक साल ही हुया ह तुम देखता त जाओ आगे आगे और काई काई करेगो। अब जै भी करे भैय्या यो भरोसो तो हो गयो की अपनो मोहन भैय्यो सरकार की गाड़ी क सरपट दौड़ा ले जायगो।
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