जिम्मेदार बने मूकदर्शक, जनता की परेशानी से नहीं पड़ता कोई फर्क

लोकेश जाट, हरदा। शहर में बनी सड़कों के हाल इन दिनों बहुत ही खराब है। मुख्य सड़कों पर हो रहे बड़े-बड़े गड्डों और बेतहासा उड़ती धूल ने राहगीरों और रहवासियों को परेशान कर रखा है। सड़को की इस खस्ताहाल स्थिति से सभी जिम्मेदार अवगत भी है और समय-समय पर इनके सुधार की बात भी की जाती रही है, लेकिन इस पर काम नहीं होता है। इससे साफ पता चलता है कि जिम्मेदारों को जनता की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता है वह मुकर्दशक बने बैठे है। जिसका खामीयाजा सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और रहवासियों और दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है। सुबह से ही दुकानदार सड़कों से उड रही इस धूल से बचने के लिए सड़क पर पानी का छिडकाव करते देखें जा सकते है। यही नजारा शाम को भी देखने को मिलता है। सड़क से गुजरने वाले पैदल और दोपहिया वाहनों को धूल के गुब्बार का सामना करना पड़ता है, तो वही चार पहिया वाहन बड़े-बड़े खतरनाक गढ्ढों से बचने के लिए इस्टेरिंग को घूमाते देखे जा सकते है। इतनी समस्याओं के बाद भी जिम्मेदारों को इससे कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है। बारिश ने इन सड़कों की पोल खोल कर रख दी है। सवाल यह है कि आखिर समय रहते इन सड़कों पर सुधार कार्य क्यों नहीं किया जा रहा है। आखिर नगर पालिका सहित जिम्मेदार अधिकारी सड़कों को लेकर इतने उदासिन क्यों बने बैठे है। जिला मुख्यालाय की सड़कों की ऐसी स्थिति कही न कही विकास कार्यो पर सवाल खड़ा कर रही है। बताया जा रहा है कि व्यापारियों द्वारा इस संबध में कई बार शिकायत भी की जा चूकी है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। आखीर सड़कों से उड़ती धूल और गढ्ढों से जनता को कब निजात मिलेगी। अस्पताल चौराहा से बस स्टैण्ड और छिपानेर की ओर जाने वाली इस सड़क की र्दुदशा से सभी लोग परेशान है। आसपास के दुकानदारों द्वारा इसे जल्द मरम्मत कराने की मांग की जा रही है। ऐसी ही स्थिति छिपानेर रोड से कृषि उपज मंडी की ओर जानी वाली सड़क के जोड़ पर देखी जा सकती है। यहां सड़क पर गड्डे ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। वहीं गुजरते वाहनों से धूल उड़ती रहती है, जो वहां के रहवासियों और दुकानदारों की परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़का की मरम्मत समय से नहीं होने पर जिम्मेदारों के प्रति रहवासियों और दुकानदारों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है।

नगर पालिका पर लगाए अनदेखी के आरोप
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने बताया कि शहर की सभी सड़को के हाल इस समय बहुत बुरे है। अस्पताल चौक से जो सड़क बस स्टैण्ड के ओर गई है वह ठेकेदार के गारंटी में है, लेकिन नगर पालिका की अनदेखी और मनमर्जी के चलते उसको सयम से सुधारा नहीं जाता है। जिस कारण वहां रहवासी, दुकानदार और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पडंता है। बारिश होते ही यह सड़क खराब हो जाती है। बारिश धमे समय हो गया है लेकिन सड़क को सुधारने में नपा और ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
इनका कहना है…
यहां की सड़क की स्थिति बहुत खराब यदि दुकानदार पानी का छिड़काव न करे तो यहां पर खड़े रहना भी मुश्किल होता है, इतनी धूल उड़ती है। आए दिन सड़क पर के गड्डों में वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते है। यहां तक पैदल चलने वाले बुजुर्ग भी गिर जाते है। इनके सुधार हेतु कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
अमित बाबा मुफ्ती, दुकानदार
रोजाना यहां धूल के गुब्बार उडते रहते है। धूल के कारण दुकानदारों को सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी जैसी बीमारी तक होने लगी है। सड़क निर्माण को ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन इसकी इतनी गंभीर स्थिति हो गई है यह समझ से परे है। सड़क के गड्डों के कारण यहां आए दिन लोग गिरत-पड़ते रहते है, कई तो घायल तक हो जाते है।
अक्षय शर्मा, दुकानदार




