अनोखा तीर, हरदा। बेमौसम बूंदाबांदी के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शुक्रवार – शनिवार की दरमियानी रात साढ़े 11 बजे रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया, जो करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा। इस बीच रह रहकर बूंदाबान्दी होती रही। जिसके चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच गई। इसका मुख्य कारण इन दिनों खेतों में फसल पककर तैयार खड़ी है, जो कि अगले एक या दो सप्ताह में कटाई शुरू होनी है। इन सबके बीच पहले शुक्रवार रात और उसके बाद शनिवार तड़के हुई बूंदाबांदी फसलों की सेहत पर बुरा असर डालने के बराबर है। इस दौरान आसमान में घने बादलों का डेरा था। हालांकि दो तीन घंटे बाद जहां धूप खिल आई, वहीं किसानों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि पश्चिमी विभोक्ष के सक्रिय रहने से जहां पहाड़ी इलाकों में बर्फवारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में ठंडक घुलने के साथ साथ कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की खबरें सामने आ रही है। वहीं दूसरी और प्रभावित इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इधर, बेमौसम बारिश की आमद के बाद प्रार्थनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है।

