
विकास पवार बड़वाह – मां नर्मदा के उत्तरीय तट के सभी संतो एवं विद्वतजनों ने धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री कल्याण आश्रम पर डॉ कल्याणी चैतन्य ब्रह्मचारिणी अम्मा जी की मासिक पुण्यतिथी के अवसर पर एकत्र हुए। जहा सभी ने एक मत होकर निर्णय लिया कि 15 फरवरी को समस्त रेवा खंड में नर्मदा जंयती महोत्सव मनाया जाएगा।इस निर्णय के दौरान एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमे धर्म सम्राट स्वामी करपात्री कल्याण आश्रम के सच्चिदानंद महाराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मॉ नर्मदा माघ शुक्ल सप्तमी को मध्याह्न मे प्रकट हुई थी, एवं निर्णय सिंधु ग्रंथ अनुसार षष्ठिया युता सप्तमी च कर्तव्या तात सर्वदा वचन अनुसार प्रमाणित रूप से लोक विधा औऱ शास्त्र मत से मॉ नर्मदा का जन्मोत्सव मध्यान्ह व्यापिनी माघ शुक्ल सप्तमी ग्राह्य है । जो कि 15 फऱवरी 2024 है। इसीलिए पुण्य लाभ अर्जित करने वाले भक्तो को 15 फरवरी को ही नर्मदा जंयती पर पूजन करना चाहिए। समस्त साधु संत अपने अपने आश्रम पर 15 तारीख को ही नर्मदा पूजन कर जयंती मनाएगें और भंडारे का आयोजन करेगें। इसके साथ ही आगामी वर्ष के समस्त तिथी व्रत त्यौहार एकमत से एक दिनांक पर निर्णय करने हेतु धर्म संघ तत्वाधान में आचार्य एवं विद्वत जनों की रेवा खंड विद्वत परिषद का गठन किया गया । अखिल भारतीय संत समिति अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर लोहा लगंडी श्री बालक दास जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री रामसेवक दास शास्त्री जी महाराज, मंहत श्री हनुमान दास जी महाराज, महेंद्र पुरी जी महाराज एवं संतो विद्वानो के मध्य ये निर्णय लिया गया। इसके साथ ही माघ माह में गुप्त नवरात्र में नर्मदा जंयती का पुण्य अवसर आता है इसिलिए गुप्त नवरात्र को रेवा नवरात्र घोषित किया गया। साथ ही माघ मास कल्पवास को लेकर भी संतो के मध्य एकमत निर्णय लिया गया।उपेखनीय है की संतो के बताए अनुसार 15 फरवरी को जयंती महोत्सव और 16 जनवरी को प्रतिवर्ष होने वाला भंडारा किया जायेगा।इसी दिन नर्मदा घाट पर मां रेवा की पालिका यात्रा भी निकाली जाएगी ।


