भोपाल। जिले में अब यदि अनुपयोगी बोरवेल खुले मिले तो मालिक के खिलाफ एफआइआर दर्ज होगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले बोरवेल चिह्नित कर उन्हें बंद कराने का जिम्मा एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ को सौंपा गया है। यह क्षेत्रों में भ्रमण कर ऐसे बोरवेल को मालिक से संपर्क कर उनको मजबूत कैप से बंद करवाएंगे। साथ ही नलकूप खनन करने वाली मशीनों का पंजीयन कराया जाएगा और ठेकेदारों की जानकारी जुटाकर उनकी सूची तैयार की जाएगी। बता दें कि कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए बताया कि अनुपयोगी एवं खुले नलकूपों, बोरवेल में छोटे बच्चों के गिरने संबंधी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए धारा 144 के तहत इनको बंद कराने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ धारा 188 के तहत एफआइआर दर्ज की जाएगी।
इनकी मदद से करेंगे बंद
भोपाल जिले के सभी अनुपयोगी एवं खुले नलकूप बोरवेल, ट्यूबवेल की जानकारी एकत्रित कर उन्हें सुरक्षित रूप से बंद करने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाएगी। जिले की सीमा क्षेत्र में जिन बोरवेल का उपयोग नही किया जाता है या जिन बोरवेल में मोटर नही डली है, उनमें बोर कैप नहीं लगा हुआ है, सभी खुले बोरों में बोर केप संबंधित मकान मालिक, किसान, संस्था द्वारा लोहे के मजबूत ढक्कन, कैप से नट-बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद किया जाएगा
पीएचई विभाग पोर्टल बनाकर दर्ज की जाएगी जानकारी
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, नगरीय क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, सीईओ जनपद पंचायत अपने -अपने क्षेत्र में भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग भोपाल द्वारा शासन के निर्देशानुसार एक पोर्टल किया जाएगा। साथ ही उस पर ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में संबंधित नगर पालिक निगम, नगरीय निकाय द्वारा नवीन नलकूप खनन की जानकारी, नलकूप खनन मशीनों का पंजीयन, नलकूप खनन करने वाले ठेकेदारों की जानकारी तथा अनुपयोगी योगी एवं खुले नलकूपों की जानकारी दर्ज की जाएगी और निगरानी करेंगे।
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