जबलपुर। दुर्घटना का कारण बने खुले पड़े बोरवेल और सड़क लाइन के खुले गड्ढों की सुध नगर निगम ने ले ली है। निगमायुक्त स्वप्निल वानखड़े ने सभी कार्यपालन यंत्री, संभागीय अधिकारियों और स्मार्ट सिटी के प्रशासकीय अधिकारियों को निर्देिश्ति किया है कि तीन दिन के भीतर खुले पड़े बोरवेल और सड़कों के गड्ढे बंद किए जाए। निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो इसलिए जितने भी शहर में खुले बोरवेल एवं गडढे हैं उनका सर्वे कराकर उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने गूगल शीट में प्रतिदिन शाम पांच किए गए कार्य की जानकारी भी अनिवार्य रूप से भरकर जमा करने की हिदायत दी।
खुले नलकूपों का रिकार्ड तैयार करना चुनौती
प्रदेश में नई सरकार बनते ही बच्चों के खुले नलकूप में गिरने वाली घटनाओं को रोकने एक्शन प्लान बनाया गया। इसको लेकर जबलपुर समेत सभी जिलों में इन हादसे रोकने के लिए योजना बनाई जा रही है। जबलपुर जिले में इसकी शुरुआत हो गई है, लेकिन अभी यह तय नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में खोदे जा रहे नलकूलों का डाटा कैसे तैयार होगा। नलकूप खोदने वालों से लेकर बिल्डरों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। हालांकि एक अनुमान के मुताबिक जिले में हर साल लगभग दो हजार से ज्यादा नलकूप खाेदे जाते हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा खुले में होते हैं, जिन्हें किसी तरह से सुरक्षित नहीं किया जाता। इनकी सुरक्षा अब जिला प्रशासन के अधिकारी संभालेंगे।
लंबित पत्र हैं उन्हें समय सीमा में निराकृत करना सुनिश्चित करें
सोमवार को लंबित प्रकरणों को लेकर कलेक्टर ने आला अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने कहा कि सभी विभागों के जितने भी लंबित पत्र हैं उन्हें समय सीमा में निराकृत करना सुनिश्चित करें। लंबित पत्रों मुख्य रूप से पुराने वाहनों के राइटऑफ करने व नये वाहनों के क्रय, अतिक्रमण हटाने, मंडी की भू अर्जन, रेरा के प्रकरणों में ऑर्डर, एमपीईबी के टॉवर, कॉलोनी सेल, मेन वेयर हाउस की जांच, हरगढ़ में साइलो, श्रमोदय विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा अंतर्गत शिक्षा गुणवत्ता, पनागर के कुशनेर में पट्टा वितरण से जुड़े प्रकरण पर तेजी से काम करें।
लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को खुले नल कूपों में हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए। इनकी डाटा तैयार करने कहा। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण काम को समय पर करें और इसके बेहतर परिणाम मिले, इस बात का भी ध्यान रखें। वहीं दूसरी ओर इन खुले नलकूपों को तलाशना ही प्रशासन के लिए तेड़ी खीर होगा। निजी और शासकीय जमीनों के साथ- किसान और बिल्डर द्वारा खुदवाए जाने वाले नलकूपों को कोई अधिकृत डाटा ही प्रशासन के पास नहीं है।
कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं
ऐसे में उनके सामने लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, लेकिन लापरवाही तय करने के लिए गाइडलाइन बनाना जरूरी है, जिस काम में सभी जिम्मेदार अधिकारियों को लगा दिया गया है। इस बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों को तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए और कहा कि 50 दिन से अधिक के प्रकरणों को प्राथमिकता से लेकर संतुष्टि के स्तर पर बंद करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि र्दी को देखते हुये छोटे बच्चों के स्कूल जिसमें प्री प्रायमरी तथा प्रायमरी स्कूल लगने के समय निर्धारित है। इन स्कूलों को बाद ही स्कूल लगाया जाए। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इधर इंडियन काफी हाउस व रेडक्रास के सहयोग से मैगा ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित होगा। यह कैंप पुरानी वॉलमार्ट बिल्डिंग, कटंगी रोड में आयोजित होगा, जिसमें सभी अधिकारी-कर्मचारी व इच्छुक आमजन स्वेच्छा से रक्तदान किया जाएगा।
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