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Thursday, 29 October 2026
मध्य प्रदेश

छात्र संघ की राजनीति से शुरुआत, बन गए मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री

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उज्जैन। उज्जैन दक्षिण के विधायक और अब तक कैबिनेट मंत्री (उच्च शिक्षा विभाग) रहेडा. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के साथ ही पूरे शहर में उत्सवी माहौल दिखा। कार्यकर्ता झूम उठे और घर तथा डा. यादव के दफ्तर पर भीड़ जमा हो गई।

2013 में पहली बार विधायक बने

स्थानीय माधव विज्ञान कालेज में 1982 से छात्र संघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले मोहन यादव 2013 में पहली बार विधायक बने और 2018 का चुनाव जीतने और कमल नाथ सरकार गिरने के बाद कैबिनेट मंत्री बने। हाल में संपन्न हुए चुनाव में उन्होंने निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के चेतन यादव को 12 हजार 941 मतों से हराया। इसके बाद उनके फिर से मंत्री बनने की चर्चा थी, इस बीच सोमवार शाम आई खबर ने उज्जैन भाजपा में खुशी की लहर दौड़ा दी।

डा. मोहन यादव पुत्र पूनमचंद यादव 58 वर्ष के हैं। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे (दो बेटे और एक बेटी) हैं। दो बच्चे डाक्टर हैं। मुंज मार्ग, फ्रीगंज निवासी डा. यादव ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल होकर की। 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह-सचिव एवं 1984 में अध्यक्ष बने।
1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन के नगर मंत्री एवं 1986 में विभाग प्रमुख बने।
1991-92 में विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री बने। फिर 1993-95 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उज्जैन नगर के सह खंड कार्यवाह, 1996 में खंड कार्यवाह और नगर कार्यवाह रहे। फिर 1999 में भाजयुमो के उज्जैन संभाग प्रभारी, 2000-2003 में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की कार्यपरिषद के सदस्य, 2000-2003 में भाजपा के नगर जिला महामंत्री एवं 2004 में भाजपा की प्रदेश कार्य समिति के सदस्य रहे।
2004 में सिंहस्थ, मध्य प्रदेश की केंद्रीय समिति के सदस्य, 2004-2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा), 2008 से भारत स्काउट एंड गाइड के जिलाध्यक्ष, 2011-2013 में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) रहे। इसके बाद 2013. 2018 और फिर 2023 विधानसभा चुनाव लड़े और जीते।
उच्च शिक्षा प्राप्त हैं नए सीएम, विकास को लेकर अपना विजन
डा. मोहन यादव ने बीएससी, एलएलबी, एमए, एमबीए, पीएचडी की डिग्री हासिल की है। भारतीय संस्कृति, विज्ञान, धर्मग्रंथ पर भी डा. यादव की अच्छी पकड़ है। विकास कार्यों को लेकर उनका अपना विजन है। उज्जैन में मेडिकल कालेज, हवाई अड्डा, अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियम के लिए यादव लगातार प्रयासरत रहे। सिंहस्थ-2028 को लेकर भी उनकी योजना तैयार है। नईदुनिया से चर्चा में उन्होंने कहा था कि वे उज्जैन का इतना विकास कर देना चाहते हैं कि सिंहस्थ जैसे आयोजन आसानी से हो जाएं।
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