अनोखा तीर, हरदा। बालिकाओं की बढ़ती उम्र के साथ उनमें कई तरह के शारीरिक परिवर्तन आते हैं। अक्सर इन परिवर्तनों को लेकर उनके मन में कई तरह के सवाल उत्पन्न होते हैं। कई बार घर परिवार में उनके इन सवालों को या तो टाल दिया जाता है या उनके संतुष्टिपूर्ण उत्तर उन्हें नहीं मिल पाता या ऐसे सवालों पर हमारे समाज में ज्यादा खुलकर बात नहीं की जाती। जबकि यह एक नैसर्गिक प्रक्रिया अंतर्गत होता है और यदि बालिकाओं को इस बारे में खुलकर बता दिया जाए तो उन्हें यह बातें सामान्य लगने लगती है। इसी तरह की समस्याओं को लेकर फ्रेंड्स वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संस्कार विद्यापीठ में कक्षा छठवीं से आठवीं तक की बालिकाओं को मार्गदर्शित करने के लिए विख्यात स्त्री रोग चिकित्सक श्रीमती अर्चना बघेल ने बालिकाओं के बीच उपस्थित होकर उनसे इस बारे में खुलकर चर्चा की। साथ ही उन्हें बढ़ती उम्र के साथ शरीर में होने वाले विभिन्न हार्मोनल चेंज से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अक्सर टीन एज में बालिकाओं में कई तरह के शारीरिक बदलाव प्रारंभ हो जाते हैं और इस दौरान उन्हें छोटी-मोटी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुछ बालिकाओं में मेंसिस प्रारंभ होते समय कुछ समस्याएं आम होती है। कई बार बच्चे अपने माता-पिता से बात नहीं कर पाते और कई तरह के इंफेक्शंस आदि से ग्रसित हो जाते हैं। अत: इस बारे में उन्हें अवेयर करना अत्यंत आवश्यक होता है। कार्यक्रम में बालिकाओं ने भी अपनी शंकाओं एवं जिज्ञासाओं को प्रस्तुत किया। जिनका समाधान एवं मार्गदर्शन श्रीमती डॉक्टर बघेल ने दिया। कार्यक्रम में उपस्थित होकर बालिकाओं को महत्वपूर्ण जानकारी के साथ मार्गदर्शन देने के लिए श्रीमती जयंती चौहान ने डॉक्टर श्रीमती बघेल का आभार व्यक्त किया।

