इंदौर। स्वतंत्रता के पहले से शहर और प्रदेश के श्रेष्ठी वर्ग की प्रतिनिधि संस्था रही इंदौर का यशवंत क्लब इन दिनों नकारात्मक कारणों से सुर्खियों में हैं। क्लब की ऐतिहासिक सफेद इमारत पर इन दिनों बार-बार विवादों के छींटे पड़ रहे हैं। यहां पारिवारिक माहौल में पीढ़ियां बिता चुके सदस्य आंतरिक राजनीति के इस कुरूप चेहरे को देखकर दुखी हैं। वरिष्ठ सदस्य चाहते हैं कि कथित सत्ता संघर्ष और आपसी खींचतान क्लब की प्रतिष्ठा की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
उद्देश्य सकारात्मक था, एजीएम और ईओजीएम जैसी प्रक्रिया से क्लब सदस्यों की रजामंदी भी ली गई। मगर मामला कानूनी पेचीदगियों में उलझा है। क्लब के वरिष्ठ सदस्यों के बीच यह मामला चर्चा में है। सदस्य चाहते हैं कि परिवार की बातें परिवार में ही तय हों। पहले भी क्लब में विवाद हुए हैं, लेकिन कतिपय निजी महत्वकांक्षाओं से क्लब की प्रतिष्ठा प्रभावित करने के प्रयास नहीं हुए।

