इस संसार के मूल में केवल भगवान विष्णु हैं : आचार्य गोवर्धनराम

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अनोखा तीर, हरदा। हम पेड़ की जड़ को सिंचिंत करते हैं न की उसके तने को। क्योंकि पेड़ का मूल जड़ है न कि तना। ठीक इसी प्रकार इस संसार के मूल में केवल भगवान विष्णु हैं। इस जड़रूपी मूल की प्राप्ति के लिए हमें प्रतिदिन भजन करना चाहिए। अगर कोई मनुष्य निस्वार्थ भाव से भजन करे तो वह भगवान विष्णु के लिए प्रिय हो जाता है। इससे उसके जीवन के सभी मार्ग खुल जाते हैं और वह मोक्ष को भी प्राप्त कर सकता है। नीमगांव स्थित श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में आयोजित विश्नोई समाज के अगहन महोत्सव के तीसरे दिन उक्त बातें जाम्भाणी हरिकथा का वाचन करते हुए आचार्य संत डा गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कहीं। उन्होंने कथा का वाचन करते हुए कहा कि भगवान विष्णु सभी के आराध्य हैं। चाहे वह मनुष्य हो या देवता। जिस प्रकार किसी पेड़ के अस्तित्व के लिए उसकी जड़े बहुत महत्वपूर्ण होती ह,ै ठीक उसी प्रकार मानव जीवन के उद्धार के लिए भगवान विष्णु का भजन कीर्तन जरूरी है। जिसने विष्णु नाम का जाप किया उसका जीवन सफल हुआ है।

लाभ के लिए किए जा रहे लाइव प्रसारण

कथा के पहले आचार्यश्री ने श्रीगुरु जम्भेश्वर मंदिर में पत्रकारों से चर्चा की। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि आज कल इंटरनेट मीडिया की बात करें या टेलीविजन की। हर जगह केवल व्यवसायिक लाभ के लिए धार्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा रहा है। इसलिए हमें यह समझना होगा कि हमें क्या देखना है। आजकल धर्म के नाम पर भ्रामक चीजें भी प्रचारित की जा रही है।

बच्चों ने दिए भाषण, बनाए चित्र  

मध्यक्षेत्र विश्नोई सभा के सचिव पूनमचंद पंवार ने बताया कि मंदिर प्रांगण में सुबह दस बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम किए किए। बच्चों ने भजन, साखी व गायन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। साथ ही मौखिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, भाषण प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता तथा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गगा। सोमवार शाम छह बजे से श्रीगुरु भम्भेश्वर भगवान की नीमगांव गांव में शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन रात नौ बजे से मंदिर में रात्रि जागरण का कार्यक्रम भी किया जाएगा। 12 दिसंबर को कथा की पूर्णाहुति के साथ ही अगहन महोत्सव का समापन प्रसादी वितरण कर किया जाएगा।

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