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Wednesday, 14 October 2026
हरदा

अतिक्रमण मुक्त हो हरदा : तुलसी सिलावट

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अनोखा तीर, हरदा। जिले में सार्वजनिक स्थानों, नहर के किनारे, तालाब व कुआं बावड़ी जैसे स्थानों पर हुए अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाए। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ ही स्थानीय निकाय संयुक्त टीम बनाकर अतिक्रमण के विरूद्ध कार्रवाई करें। यह निर्देश आज जिले के समीक्षा बैठक दौरान प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रशासनिक अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुझे अतिक्रमण मुक्त हरदा चाहिए। श्री सिलावट ने जिले की सभी नहरों के किनारे पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर वहां वृक्षारोपण कराने की भी बात कही। इसी तरह उन्होंने नर्मदा नदी में होने वाले अवैध रेत उत्खनन को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री सिलावट ने पुलिस अधीक्षक को कहा कि ओवरलोड डम्परों के विरूद्ध सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए। वहीं जिला प्रशासन खनिज विभाग के माध्यम से अवैध उत्खनन के विरूद्ध कार्रवाई करें। श्री सिलावट ने कहा कि नर्मदा हमारी माँ है और उसकी पवित्रता को बनाए रखना हमारा दायित्व है। अवैध उत्खनन करने वाले चाहे कोई हो उनके विरूद्ध तत्काल सख्ती से कार्रवाई की जाए। इसी तरह उन्होंने पुलिस कप्तान से कहा कि हरदा जिले में दो पहिया वाहन चालकों के विरूद्ध चालानी कार्रवाई तथा अवैध वसूली की सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हो रही है। आप ऐसे वाहन चालकों को नियमों का उल्लंघन करने पर हिदायत दीजिए, लेकिन इनसे की जाने वाली अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। जिन बड़े वाहनों और ओवरलोड डम्परों के विरूद्ध कार्रवाई की जाना चाहिए उनके प्रति आपकी सख्ती कम नजर आती है। जबकि गरीब दोपहिया वाहन चालकों को आपकी पुलिस निरंतर परेशान करती है। मुझे इसकी शिकायत नहीं मिलना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने अपने विभाग की समीक्षा दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नलजल योजना संबंधी कार्यों में बरती जा रही शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समयसीमा का भी निर्धारण किया। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि प्रति सप्ताह होने वाली टीएल बैठक में प्रमुख रुप से नलजल योजना तथा बिजली विभाग की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की जाए। समीक्षा बैठक दौरान पालक मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रशासनिक अमले को स्पष्ट रुप से संदेश दिया कि अच्छे कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई में भी कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और उसमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए शत प्रतिशत परिणाम हासिल करने की बात कही। इसमें किसी भी प्रकार की किंतु परंतु बर्दाश्त नहीं होगी।

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