रेत के अभाव में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के आशियाने अधूरे 

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विधायक बिरला ने मजदूरों को मकान बनाने के लिए नावघाट खेडी से रेत उपलब्ध करवाने का दिया आश्वासन 

विकास पवार

बड़वाह – गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार को शासन से मिलने वाली कुटीर और आवास योजना के लाभ से निमाड़ क्षेत्र के कई परिवार वंचित दिखाई दे रहे है ।जिन्हे पात्र हितग्राही होने के बावजूद इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा ।और जिन्हे इस योजना का लाभ मिला वह हितग्राही बालू रेत के अभाव और बढ़ते दामों से अपने आशियाना बनाने से परेशानी का सामना करते दिखाई दे रहे है ।जबकि ऐसी स्थिति में कई परिवार सदस्यो के मकान अधूरे बनकर उन सदस्यो को किराए के मकान में रहने को मजबूर कर रहे है ।इस समस्या को लेकर हाल ही में नावघाट खेड़ी पंचायत के रहने वाले गरीब मजदूर वर्ग की महिलाओ ने बड़वाह थाने पर अपनी पीड़ा बताकर एक आवेदन दिया था ।जिसमे महिलाओ ने बताया था की हमारी नावघाट खेड़ी पंचायत में करीब 24 गरीब परिवारों में शासन द्वारा कुटीर मिली है ।लेकिन बालू रेत नही होने और बाजार से महंगे भाव से मिलने के कारण हम अपने मकान का निर्माण नही कर पा रहे है ।जबकि हमारा घर नर्मदा किनारे होने से जब हम महिलाए बोरियो से बालू रेत लाते है। तो सत्ताधारी नेता गुलबीर सिंह भाटिया हमे रेत नही लाने देते और हमसे उनके ट्रैक्टर ट्रॉली में रेत भरने की बात कहते हैं और यदि हम उन्हे इस काम को करने से मना करते है। तो वह हमे अवैध रेत उत्खनन करने की झूठी शिकायत करने की धमकी देते है । ऐसे में हमारे घर का निर्माण नही हो रहा है ।

महिलाओ ने विधायक से लगाई गुहार ——-

नावघाट खेडी की सैकड़ो मजदूरों महिला और पुरुष सोमवार को विधायक सचिन बिरला के समक्ष पहुंचे । जहा उन्होंने अपने मकान बनाने में बालू रेत का अभाव बताकर इस समस्या के निराकरण की गुहार लगाई । मजदूरों ने विधायक सचिन बिरला से कहा की हम गरीब परिवारों को शासन से कुटीर मिली है ।लेकिन बालू रेत के बढ़ते दामों के कारण हमे अपना मकान बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।इसलिए हमे अब नावघाट खेडी से रेत निकालने की अनुमति दिलाए ।यह इसलिए क्योंकि बड़वाह शहर में कुछ रेत कारोबारी अन्य बाहरी क्षेत्रो से रेत बुलाकर स्टॉक कर रहे है । जिनके द्वारा हमे 7 से 8 हजार रूपये कीमत में एक ट्राली रेत बेची जा रही है ।आप ही हमे बताए कि शासन द्वारा हमे केवल मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रूपये की राशि स्वीकृत हुई है । यदि हम आठ हजार से एक ट्राली रेत खरीदेगे तो पूरे मकान का बनना असंभव है । महिलाओ की बात सुन विधायक श्री बिरला ने मजदूरों को मकान बनाने के लिए नावघाट खेडी से रेत उपलब्ध करवाने के लिए आश्वासन दिया है ।इस मामले में विधायक ने कहा की मैं स्वयं कलेक्टर से चर्चा कर पंचायत के सरपंच को अधिकृत करवाऊंगा कि जिनकी कुटीर के माध्यम से मकान बन रहे है उन्हें नर्मदा जी से पत्थर,बंडा और रेत लाने की अनुमति दी जाए।इस दौरान मजदूरों ने विधायक श्री बिरला से चर्चा कर ज्ञापन भी सौपा ।इस दौरान नावघाट खेडी सरपंच जीवन सिंह सिसोदिया,उप सरपंच देवेश ठाकुर,पंच रोहित केवट,देवकरण प्रजापत,विश्राम पटेल,पवन सिसोदिया,सतीश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में महिला मजदूर मोजूद थी

प्रभारी मंत्री पटेल के नाम भी दिया आवेदन ——- 

मजदूरों ने भाजपा नगर मंडल पदाधिकारी गणेश चौधरी को भी कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल के नाम एक आवेदन दिया ।जिसके माध्यम से मजदूरों ने बताया कि कुछ नेताओ द्वारा हम पर दबाब बनाया जा रहा है कि नावघाट खेडी पर अवैध उत्खनन चल रहा है,इसे बंद करवाने के लिए एसडीएम एवं पुलिस थाने गए थे ।लेकिन हमारे गाँव में न तो बड़ी मशीन चलती है,और नही डंपर से रेत का परिवहन किया जा रहा है । हम मजदूर बड़ा भरकर मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे है । मजदूरों ने कहा की बडवाह शहर की कुछ कालोनियों में रेत कारोबारी बड़े स्तर पर स्टॉक कर रहे है । जहा से वह डम्पर और ट्रैक्टर ट्रालीयो में रेत भरकर अनेक स्थानों पर बेचने का काम कर रहे है ।लेकिन इन स्थानों पर स्थानीय नेताओ की नजर क्यों नही पड रही है ।पूर्व में भी माइनिंग अधिकारी एवं एसडीएम द्वारा इन रेत माफियाओ के स्टॉक पर कार्यवाही की गई थी । हमारा निवेदन है कि इन माफियाओ का अभी भी कार्य सुचारू रूप से खुलेआम चल रहा है । इन माफियाओ पर प्रशासन क्यों नही अंकुश लगाता है ।

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