-कलश यात्रा के साथ पंडित रमाकांत जी शास्त्री ने शुरू की कथा
अनोखा तीर, हरदा। समीपस्थ ग्राम नकवाड़ा में आज से छ: दिवसीय संगीतमय श्रीनर्मदा पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। समस्त ग्राम वासियों के सामूहिक प्रयास से होने वाली कथा पुराण में छिदगांव मेल निवासी पंडित श्री रमाकांत शास्त्री द्वारा नर्मदा पुराण की कथा सुनाई जा रही है। गांव के श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में प्रारंभ हुई इस कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4 बजे तक किया जा रहा है। आज कथा के प्रथम दिवस पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई वहीं सभी श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव से श्री नर्मदा पुराण को नाचते गाते कथा स्थल तक लाएं। हर हर नर्मदे के जयघोष तथा नर्मदा जी को लेकर भक्तिपूर्ण भजनों के साथ श्रद्धालु कथा पांडाल तक पहुंचे। यहां विधिवत पुराण पूजन के साथ ही पंडित श्री रमाकांत शास्त्री जी द्वारा मां नर्मदा का पुराण में वर्णित महत्व तथा उनकी उत्पत्ति की कथा सुनाई गई। उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में नदियों को सदैव माता और देवी स्वरूपा माना गया है। जिस प्रकार गंगा, यमुना और सरस्वती का वर्णन वेद-पुराणों में मिलता है, उसी प्रकार मध्य भारत की जीवनदायिनी नर्मदा नदी का महत्व भी असाधारण है। नर्मदा को रेवा और शक्तिरूपिणी भी कहा जाता है। यह नदी केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत पूजनीय है। श्री नर्मदा पुराण के अनुसार नर्मदा भगवान शिव की तपस्या और उनके आंसुओं से प्रकट हुई हैं। इसलिए नर्मदा को शिवपुत्री और माता कहा जाता है। कहते हैं कि गंगा स्नान से जो पुण्य मिलता है, वही पुण्य नर्मदा के दर्शन मात्र से प्राप्त होता है। यही कारण है कि नर्मदा को पापमोचनी और मोक्षदायिनी कहा जाता है। अमरकंटक (नर्मदा का उद्गम), ओंकारेश्वर (ज्योतिर्लिंग), महेश्वर, मंडलेश्वर और भरुच जैसे स्थलों की पवित्रता का उल्लेख भी नर्मदा पुराण में विस्तार से मिलता है। नर्मदा पुराण यह भी स्पष्ट करता है कि साधक यदि नर्मदा तट पर धर्म, भक्ति और साधना के मार्ग पर चलता है, तो वह जीवन के सभी पापों और बाधाओं से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। पंडित श्री शास्त्री ने बताया कि नर्मदा पुराण केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का मार्ग भी दिखाता है। नर्मदा तट पर ध्यान, जप और परिक्रमा साधक के जीवन को शुद्ध और शांत बनाते हैं। कथा पुराण का आयोजन करने वाली श्री गणेश उत्सव समिति एवं समस्त ग्राम नकवाड़ा वासियों ने सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालुओं से इस भाव भक्ति पूर्ण आयोजन में उपस्थित होकर कथा प्रसंग का लाभ उठाने का आव्हान किया है।


