-तीसरे दिन की गई उत्तम आर्जव धर्म की पूजा
अनोखा तीर हरदा। हरदा में दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्युषण पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के तीसरे दिन शुक्रवार, 18 सितंबर को उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। शहर के दिगंबर जैन मंदिरों में भक्तों ने भगवान शांतिनाथ की पूजा-अर्चना कर उत्तम आर्जव धर्म को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उत्तम आर्जव धर्म इंसान को मन, वचन और कर्म से सरल और सच्चा बनने का संदेश देता है। मन में कुछ और, वाणी में कुछ और और व्यवहार में कुछ और रखने के बजाय सोच, कथनी और करनी में एकरूपता ही आर्जव धर्म का मूल भाव है। जब व्यक्ति मोह-माया और बुरे कर्मों को त्यागकर सरल स्वभाव अपनाता है, तो उसकी आत्मा निर्मल होती है और उसमें सद्विचारों का उदय होता है। यही सरलता मोक्ष मार्ग को सुगम बनाती है। इसी अवसर पर दिगंबर जैन महिला परिषद द्वारा छोटे बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने जैन धर्म से जुड़े विविध पात्रों की वेशभूषा धारण कर सामाजिक, नैतिक और शिक्षाप्रद संदेशों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने धार्मिक और संस्कारयुक्त लघु नाटिकाओं के माध्यम से अहिंसा, सत्य, सदाचार, धर्म और संस्कारों का संदेश दिया। नन्हे बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति और सुंदर वेशभूषा ने उपस्थित धर्मावलंबियों का मन मोह लिया। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के साथ ही समाज में सकारात्मक और शिक्षाप्रद संदेश पहुंचाना रहा। पर्युषण पर्व के दौरान आयोजित हो रहे ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समाज में उत्साह का वातावरण बना हुआ है। जहां भक्त प्रतिदिन धर्म के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर आत्मशुद्धि का प्रयास कर रहे हैं, वहीं बच्चों की सहभागिता से नई पीढ़ी को जैन धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास भी देखने को मिल रहा है।


