-शासन/प्रशासन के जिम्मेदारों की कुंभकर्णी नींद आखिर कब खुलेगी….
अनोखा तीर हंडिया। नगर के वार्डों में कई वर्षों से क्षतिग्रस्त एवं खंडहर भवनों को जमींदोज करने के प्रयास केवल रस्म अदायगी बनकर रह गए हैं। तहसील क्षेत्र में आज भी दर्जनों मकान जर्जर खंडहर हालत में खड़े हैं लेकिन इस तरफ स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते कभी भी यहां बड़ा हादसा घटित होने का अंदेशा बना रहता है। बताया जाता है कि शिक्षा विभाग तथा ग्राम पंचायत व अन्य निजी भवनों में दीवारें जर्जर अवस्था में खड़ी हुई किसी बड़े हादसे की तरफ इशारा कर रही हैं। जामा मस्जिद के पीछे एक भवन के मकान की दीवार पिछले कई सालों से क्षतिग्रस्त हालत में किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है लेकिन संबंधित विभाग इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारों की माने तो नगर में दर्जनों भवनों की माली हालत इतनी खराब हो गई है कि उसे खुद विभाग के कारिंदों ने ही उसे कंडम घोषित कर रखा है। फिर भी इस तरफ ध्यान न दिया जाना निश्चित ही लापरवाही की तरफ इशारा करता है। कुछ ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि अनेकों मर्तबा संबंधित विभाग में इन भूत की तरह खड़े जर्जर भवनों को गिराने की मांग किए जाने के बाद भी ध्यान न दिया जाना कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।


