-किसान ने जनसुनवाई में मुआवजे की मांग की

अनोखा तीर, हरदा। हरदा में मंगलवार को जिला पंचायत में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक किसान अपनी बर्बाद हुई सोयाबीन की फसल का मुआवजा मांगने पहुंचा। खिरकिया तहसील के सारसुद गांव निवासी किसान तेजराम बलाही का आरोप है कि पड़ोस में संचालित खदान से पानी की तेज निकासी के कारण उनके खेत में पानी भर गया, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई। किसान के मुताबिक, इस नुकसान के बाद खेत की उपजाऊ मिट्टी भी बह गई और अब खेती करना मुश्किल हो गया है । तेजराम ने बताया कि 4 जुलाई को हुई तेज बारिश के दौरान ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी की खदान के पास बने नाले की पाल टूट गई। नाले का पानी तेज बहाव के साथ उनके खेत में पहुंच गया। देखते ही देखते सोयाबीन की खड़ी फसल पानी में डूब गई। किसान ने नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपए बताया है। किसान का कहना है कि फसल खराब होने के बाद उन्होंने संबंधित खदान कंपनी से मुआवजे की मांग की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अपनी शिकायत लेकर वह मंगलवार को पांचवीं बार जनसुनवाई में पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की। इसी दौरान तेजराम बलाही ने अपनी बर्बाद फसल और खेत की स्थिति की जानकारी कलेक्टर को दी। किसान ने बताया कि पानी के बहाव से खेत की मिट्टी तक बह गई है। जहां पहले फसल थी, वहां अब कई जगह पत्थर दिखाई दे रहे हैं। किसान का कहना था कि नुकसान के बाद दोबारा खेती करना भी उसके लिए चुनौती बन गया है। किसान की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उसे मामले को सिविल कोर्ट में ले जाने की सलाह दी। हालांकि, प्रशासन की ओर से नाले और खेत से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं। मामले में खनिज अधिकारी प्रगति सोनवाने ने बताया कि संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। कंपनी को खेत के पास बने नाले की बाउंड्री वॉल बनाने और खेत में मिट्टी डालने के निर्देश दिए गए हैं।




