-चिकित्सकों को दिया प्रशिक्षण
अनोखा तीर, हरदा। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू त्याग सेवाओं को प्रभावी बनाने तथा प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक इनके विस्तार के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में चिकित्सकों को तम्बाकू छोड़ने के लिए परामर्श एवं उपचार संबंधी सेवाओं का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को तम्बाकू के दुष्प्रभाव से बचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अब जिला चिकित्सालय के साथ-साथ प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी तम्बाकू सेवन छोड़ने के लिए परामर्श एवं सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशिक्षण में डॉ. पियूष दोगने एवं डॉ. चित्रा इंगले ने तम्बाकू सेवन की वर्तमान स्थिति, तम्बाकू छोड़ने की आवश्यकता, तम्बाकू त्याग केंद्रों (टीसीसी), राष्ट्रीय तम्बाकू क्विटलाइन, एम-सेसेशन सेवा तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध परामर्श एवं उपचार सेवाओं की जानकारी दी। प्रतिभागियों को 5-ए (आस्क, एडवाइस, असेस, असिस्ट, अरेंज) तथा 5-आर (रिलेवेंस, रिस्क, रिवार्ड, रोडब्लॉक, रिपीटेशन) आधारित व्यवहार परिवर्तन परामर्श, संक्षिप्त सलाह (आस्क, एडवाइस, रेफर) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर तम्बाकू त्याग सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की रणनीतियों से अवगत कराया गया। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक तम्बाकू उपयोगकर्ताओं तक सेवाएं पहुंचाने पर बल दिया गया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.के. चौरे ने कहा कि तम्बाकू नियंत्रण की सफलता केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता, समय पर परामर्श और सामुदायिक सहभागिता से अधिकाधिक लोगों को तम्बाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. विश्वकर्मा, डॉ. केसरी प्रसाद, डॉ. राजेन्द्र ओनकर, डॉ. संदीप पटेल, डॉ. वैभव सरवर, डॉ. प्रियंका नामदेव सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।





