देवी-देवताओं एवं भारत माता के कथित अपमान मामले में अधिवक्ता शेख मुईन दोषमुक्त

-न्यायालय ने कहा- अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में रहा असफल
अनोखा तीर, हरदा। वर्ष 2019 में देवी-देवताओं एवं भारत माता के कथित अपमान से जुड़े प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदा ने अधिवक्ता शेख मुईन को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित नहीं कर सका, इसलिए दोषसिद्धि का आधार नहीं बनता। यह प्रकरण शिकायतकर्ता राजेश पाराशर द्वारा सिटी थाना हरदा में दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद सामने आया था। शिकायत में सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और भारत माता के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह प्रस्तुत किए, लेकिन न्यायालय ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्यों से यह संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सका कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट शेख मुईन का ही था। उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य एवं गवाहों के बयान भी आरोपों की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। न्यायालय ने यह भी माना कि विवेचना के दौरान प्रस्तुत सामग्री से अभियोजन का पक्ष पूरी तरह स्थापित नहीं हो सका। इन परिस्थितियों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संदेह का लाभ देते हुए अधिवक्ता शेख मुईन को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय के इस निर्णय के बाद वर्ष 2019 से लंबित यह प्रकरण समाप्त हो गया।

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