तितलियों के अनोखे संसार की सैर पर वेब परिचर्चा संपन्न

अनोखा तीर, हरदा। ईश्वर की अनोखी, अद्भुत रचना रंगबिरंगी तितलियां, भंवरे, कीट पतंगों  की घटती संख्या, इनके संरक्षण, इनके पसंदीदा भोज्य पौधे पत्तियां को घरों के आस-पास विकसित करने को लेकर एक वेब परिचर्चा आयोजित की गई। इस वेव परिचर्चा कार्यक्रम में डॉ.किशोर पंवार (प्रोफेसर बाटनी और एन्वायरमेन्टल साइंस) प्रमुख वक्ता के रूप से शामिल हुए।  उन्होंने इस अद्भुत तितली जीवन चक्र यात्रा में तितिलियों का होना प्रकृति में हमारे जीवन और जैव विविधता बनाए रखने में उसकी प्रमुख भूमिका निभाने को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अगर तितलियां नहीं होंगी तो कई सब्जियां हमें उपलब्ध न होंगी। इनके पराग करण कई वनस्पतियों को जीवन देते हैं। डॉ.पंवार ने अमलतास, आकड़ा, तेन्दुपता, धतूरे जैसे अनेक पौधों से तितलियों व कीट पतंगों के अनोखे तादात्म्य के बारे में बताया। उन्होंने तितली और पतंगे के अन्तर को बहुत ही बारीकी से समझाया। इस परिचर्चा में आयोजक की भूमिका डॉ आरती साठे रायपुर, ओम नारायण शुक्ला हरदा, वीणा सोमानी सिराली ने निभाई। इस कार्यक्रम में संतोष चतुर्वेदी भोपाल, मनोहर सिंग  जोधपुर, राधा जोधपुर, पेठे सर इन्दौर, वर्षा त्रिवेदी रायपुर एवं सत्यनारायण चंदेल प्रभारी प्राचार्य हाई स्कूल सिराली ने अपनी सक्रिय वेब उपस्थिति दर्ज की। परिचर्चा के मुख्य केन्द्र बिन्दु किशोर पंवार पेशे से शिक्षक हैं। जिन्होंने वायु प्रदूषण एवं पेड़-पौधों पर इसके प्रभावों पर शोध कार्य किया। उनके शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। वे लोक रुचि विज्ञान पर भी लगातार लिखते हैं। उनकी किताबें पेड़-पौधों का अनोखा संसार, शिल्पायन प्रकाशन, दिल्ली से व बिन पत्ती सब सून एवं फूल से बीज तक, एकलव्य से प्रकाशित हुई हैं। स्कूल विज्ञान शिक्षण में रुचि रखने वाले श्री पंवार फिलहाल इन्दौर के होलकर विज्ञान महाविद्यालय के बीज तकनीकी विभाग में विभागाध्यक्ष हैं।

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