अनोखा तीर, हरदा। श्री खेड़ापति भागवत समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय द्वारका धाम आध्यात्मिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं का जत्था सकुशल हरदा लौट आया। रेलवे स्टेशन पर परिजनों, मित्रों एवं नगरवासियों ने पुष्पमालाओं से श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया। अनिल चंदेवा ने बताया कि श्रद्धालुओं के चेहरों पर भगवान द्वारकाधीश, सोमनाथ महादेव एवं नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट झलक रहा था। यात्रा के दौरान 30 जून से 6 जुलाई तक द्वारका के गोमती रोड स्थित रामे-राम धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथावाचक पंडित विद्याधर उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र, भक्ति, धर्म एवं जीवन मूल्यों का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रद्धालु प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन एवं सत्संग में श्रद्धाभाव से शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान द्वारकाधीश, सोमनाथ महादेव एवं नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि, समाज की उन्नति एवं परिवारों के मंगल की कामना की। यात्रा के दौरान समिति द्वारा आवास, सात्विक भोजन, परिवहन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से उपलब्ध कराई गईं, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना की। यात्री संजू भावसार ने यात्रा को जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि द्वारकाधीश के दर्शन एवं भागवत कथा श्रवण से उन्हें आत्मिक शांति और नई आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हुई। पंडित विद्याधर उपाध्याय ने कहा कि तीर्थयात्रा और कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक जागृति, संस्कार एवं सेवा का भाव विकसित होता है। समिति ने बताया कि इस यात्रा के साथ चारधाम यात्राओं की श्रृंखला सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई है। अगले वर्ष नेपाल स्थित भगवान पशुपतिनाथ धाम की यात्रा आयोजित करने की तैयारी शीघ्र शुरू की जाएगी।
द्वारका धाम यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का किया स्वागत

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