प्रतिबंध के बाद भी नर्मदा बैकवॉटर क्षेत्र में अवैध मछली कारोबार जारी

अनोखा तीर, हंडिया। इंदिरा सागर के नर्मदा बैकवॉटर क्षेत्र में शासन द्वारा मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद बिना रोक-टोक मछलियों का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। नर्मदा किनारे निवासरत शिकारी चोरी-छिपे डेम के बैकवॉटर क्षेत्र से प्रतिबंध अवधि में भी मछलियों का शिकार कर व्यापारियों को बेच रहे हैं। वहीं हरदा और हंडिया के व्यापारी इन मछलियों को मनमानी कीमत पर खरीदकर अन्य शहरों में भेज रहे हैं। आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारी कार्यालयों में बैठकर केवल नियमों की दुहाई दे रहे हैं, जबकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
हंडिया में बिना रोक-टोक हो रहा मछलियों का व्यापार
हंडिया तहसील क्षेत्र में दामन, जाल, फंदे सहित अन्य साधनों से मछलियों का अवैध शिकार किए जाने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद इस ओर किसी भी सक्षम अधिकारी का ध्यान नहीं है, जिससे अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
प्रतिदिन क्विंटलों में हो रहा अवैध कारोबार
जानकारी के अनुसार इंदिरा सागर डेम के मछली ठेकेदार द्वारा मछली पकड़ने के लिए मछुआरा (ढीमर) समाज के लोगों को समितियों के माध्यम से जोड़कर निर्धारित दरों पर मछली उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे अपना जीवन-यापन कर सकें। आरोप है कि समिति के कुछ सदस्य निर्धारित मात्रा में मछली ठेकेदार को देने के बाद शेष मछलियों को अधिक कीमत पर खुले बाजार में बेच रहे हैं, जिससे ठेकेदार को आर्थिक नुकसान हो रहा है और इसका लाभ मछलियां खरीदने वाले व्यापारियों को मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा सभी नदियों, जलाशयों एवं तालाबों में मछलियों की विभिन्न प्रजातियों के प्रजनन (वंशवृद्धि) को ध्यान में रखते हुए 15 जून से 16 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद मत्स्य अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई नहीं होने से विभागीय लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। इससे शासन के साथ-साथ संबंधित ठेकेदारों को भी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। बताया जाता है कि भैंसबाड़ा, जोगा तथा नर्मदा बैकवॉटर क्षेत्र में कुछ व्यापारी प्रतिदिन मोटरसाइकिलों के माध्यम से क्विंटलों में मछलियों का अवैध कारोबार कर रहे हैं।

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