-बढ़े हुए टैक्स, भ्रष्टाचार और बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ फूटा जनआक्रोश
अनोखा तीर, हरदा। नगर की बदहाल व्यवस्थाओं, बढ़े हुए करों, भ्रष्टाचार, पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था की विफलता तथा जनता की लगातार उपेक्षा के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित जन आक्रोश आंदोलन एवं नगर पालिका घेराव में गुरुवार को अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर के इतिहास में लंबे समय बाद इतने बड़े जनसमर्थन के साथ आयोजित इस आंदोलन ने स्पष्ट कर दिया कि हरदा की जनता अब अपनी समस्याओं को लेकर चुप बैठने वाली नहीं है। नारायण टॉकीज चौराहे से प्रारंभ हुई विशाल जनआक्रोश रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नगर पालिका कार्यालय पहुंची। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने भाजपा शासित नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए नगर की समस्याओं पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। नगर पालिका कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित जनसमूह ने प्रशासन को जनता की आवाज सुनने के लिए मजबूर कर दिया। आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने नगर पालिका की नाकामियों को अनोखे और प्रतीकात्मक तरीकों से उजागर किया। महिला पार्षदों द्वारा बिना पानी के आटा गूंधकर नगर में व्याप्त पेयजल संकट को प्रदर्शित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होगा तो उनका दैनिक जीवन कैसे संचालित होगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी एवं वरिष्ठ पार्षद आहद खान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीटी बजाकर नगर पालिका प्रशासन को जगाने का प्रयास किया। कांग्रेस का आरोप था कि नगर प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गहरी नींद में सोया हुआ है और आम नागरिकों की परेशानियों की लगातार अनदेखी कर रहा है। आंदोलन का सबसे आकर्षक प्रदर्शन तब देखने को मिला जब विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने, नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी एवं महिला पार्षदों ने दूरबीन लेकर शहर में विकास खोजने का प्रतीकात्मक प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि दूरबीन से भी विकास दिखाई नहीं दिया, लेकिन भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अव्यवस्थाएं जरूर दिखाई दीं। जनआक्रोश रैली में गोरिल्ला एवं टाटा बिच्छू के साथ भी प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने नगर की वर्तमान स्थिति को जंगलराज की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि नगर में जनहित की बजाय मनमानी और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने नल कर को 75 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये किए जाने तथा संपत्ति कर में की गई भारी वृद्धि को जनता पर अन्यायपूर्ण आर्थिक बोझ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा परिषद जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाने में लगी है, जबकि मूलभूत सुविधाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं। विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कहा कि बरसात के मौसम में चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान गरीब एवं कमजोर वर्गों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने इस अभियान पर तत्काल रोक लगाने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
१६ सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी को 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, जिसमें बढ़े हुए कर वापस लेने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, सफाई व्यवस्था सुधारने, अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण, पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने, पट्टा वितरण सहित नगर की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नगर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। वहीं बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे जनता परेशान है। कांग्रेस इन जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। आंदोलन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साईं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमिला ठाकुर, पूर्व जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पवार,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमंत टाले, सुरेंद्र जैन, नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों में सुप्रिया पटेल, बबीता सोनकर, शिवरात्री गीते, प्रीति चौहान, अक्षय उपरीत, संजय दशोरे, जेबुन्निसा पटेल एवं मुकेश पाराशर सहित संजय जैन, मुन्ना पटेल, संदीप गौर, सुनील गीते, रमेश सोनकर, शकील भाई, संजय सैनी, धर्मेंद्र चौहान, धर्मेंद्र शिंदे, कृष्णा बिश्नोई, अनिल बिश्नोई, मुजाहिद अली, पिंकू जायसवाल, गोरेलाल सिसोदिया, संजय पांडेय, वरिष्ठ पार्षद अहद खान, आदित्य गार्गव, महमूद कुरैशी, सूरज राजपूत, रविशंकर शर्मा, ड्यूटी विजय सिंह सुरमा सतीश राजपूत अजय राजपूत सोनम पाल पूजा डोंगरे अनिल सुरमा, सुरेंद्र पटेल सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आंदोलन में सैकड़ो महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा नगर के विभिन्न वार्डों से आए नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही। उमड़े जनसैलाब ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हरदा की जनता बढ़े हुए टैक्स, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, पेयजल संकट और नगर पालिका की जनविरोधी कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन एवं भाजपा परिषद की होगी।





